Avimukteshwarananda in Prayagraj: प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 6 दिनों से विवाद लगातार जारी है. अब इसी बीच अविमुक्तेश्वरानंद ने शिविर के अंदर और बाहर 12 CCTV कैमरे लगवाए हैं. उनका कहना है की उनकी जान को खतरा है.
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Avimukteshwarananda in Prayagraj:प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने बताया
प्रतिनिधि ने कहा की यह हमारी मजबूरी है, क्योंकि शंकराचार्य सड़क पर बैठे हैं. औऱ दूसरी तरफ प्रशासन और उसके गुंडे हैं. संत के वेश में शैतान यहां घूम रहे हैं. उनसे शंकराचार्य की जान को खतरा है. क्योकि वे लोग रात में आकर वीडियो बनाते हैं. और पकड़े जाने के बाद कहते हैं कि नोटिस देने आए हैं. बता दें की अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत अभी भी खराब है. शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. जहा उन्हें तेज बुखार था. और अभी भी उनको हल्का बुखार है.
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Avimukteshwarananda in Prayagraj: अकड़ में बैठा हो उसे मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए
इसी मामले में अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य को समझदार नेता बताया. और कहा ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए, जो समझते हैं कि अफसरों से गलती हुई है. और जो अकड़ में बैठा हो उसे मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए..
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अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए
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धरने पर बैठ गए[/caption]
दरअसल, गुरुवार को डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा था- शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं और उनसे स्नान करने की प्रार्थना करता हूं। बता दें की 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा. जिसके विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई. और इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए.
अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए
जिसके बाद प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में 2 नोटिस जारी किए. और पहले में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने पर सवाल पूछे गए, जबकि दूसरे में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए. वहीं इसको लेकर प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए. अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे.