राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR याचिका को इलाहाबाद ह

राहुल गांधी को राहत, BJP-RSS के खिलाफ दिए बयान पर FIR दर्ज करने की याचिका खारिज

राहुल गांधी को राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर दायर याचिका को रद्द कर दिया। राहुल गांधी ने BJP और RSS के खिलाफ बयान दिया था। इसी बयान के खिलाफ FIR दर्ज करने की याचिका दाखिल हुई। मामले में 9 अप्रैल को हाईकोर्ट के जस्टिस विक्रम डी. चौहान की सिंगल बेंच सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया था। 

याचिका खारिज

शुक्रवार यानि 1 मई को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सरकार की नीतियों की आलोचना करने की न केवल इजाज़त है बल्कि ये लोकतंत्र के लिए ज़रूरी भी है। सरकार की आलोचना करना और उससे वैचारिक मतभेद रखना अपराध नहीं है। एक जनप्रतिनिधि अगर किसी नीति या विचारधारा के खिलाफ लड़ाई की बात कर रहा है तो इसे बगावत या भड़काने से नहीं जोड़ा जा सकता।

आदेश को चुनौती 

बता दे यह याचिका सिमरन गुप्ता ने दायर की है। इसमें संभल की चंदौसी कोर्ट के 7 नवंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी गई। उस आदेश में चंदौसी कोर्ट ने राहुल के खिलाफ दाखिल याचिका को कमजोर बताते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

हाईकोर्ट में चुनौती

इससे पहले 21 मई 2025 को संभल के जिला जज अदालत ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब देने या कोर्ट में पेश होने को कहा था। बाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने समन जारी किया था, लेकिन बाद में याचिका खारिज कर दी गई थी। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया है कि राहुल ने 15 जनवरी 2025 को बयान दिया था कि “हम बीजेपी, RSS और भारतीय सरकार से लड़ रहे हैं।” इसी बयान के आधार पर उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए स्पेशल MP/MLA कोर्ट में आवेदन दिया गया था, जिसे अधिकार क्षेत्र के आधार पर खारिज कर दिया गया।