उत्तर प्रदेश
धर्म के सौदागर का भंडाफोड़: दो बहनों को जबरन मुस्लिम बनाया
आगरा में धर्म बदलकर बना 'अब्दुल', 200 से ज्यादा केस में लिंक!
दिल्ली के मुस्तफाबाद से धर्मांतरण गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान कुरैशी को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जो पहले महेंद्र पाल नाम का हिंदू था, फिर ईसाई और बाद में इस्लाम अपनाकर 'अब्दुल' बन गया। उसके खिलाफ देश के 6 राज्यों में दर्जनों केस हैं और 200 से ज्यादा लोगों के जबरन धर्मांतरण की बड़ी साजिश से इसका सीधा संबंध है।कैसे बना एक हिंदू लड़का 'धर्मांतरण गैंग' का सरगना?
अब्दुल रहमान का असली नाम महेंद्र पाल था। 1990 में ईसाई धर्म अपनाया और बाद में इस्लाम कबूल कर लिया। धीरे-धीरे उसने देशभर में एक धार्मिक कट्टरता फैलाने वाला नेटवर्क खड़ा किया, जिसका जाल 6 राज्यों और 6 विदेशी फंडिंग नेटवर्क तक फैला है। इसके गैंग ने अब तक 200 से ज्यादा लोगों को मुस्लिम बनाया, जिनमें कई महिलाएं और छात्राएं शामिल हैं।कैसे खुला यह मामला?
मामले की जांच मार्च 2024 में शुरू हुई, जब आगरा की 33 और 18 साल की दो बहनें लापता हो गईं। सोशल मीडिया पर बड़ी बहन ने हथियार के साथ फोटो पोस्ट की, जिससे शक गहराया। जांच में सामने आया कि उन्हें जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया था। ये लड़कियां कोलकाता से बरामद की गईं।दिल्ली से गिरफ्तारी, साथ मिली 'बंधक' लड़की
अब्दुल को पकड़ने में 60 घंटे से ज्यादा ऑपरेशन चला। उसे दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया गया, जहां से हरियाणा की एक और बंधक लड़की को छुड़ाया गया। उसके घर से धर्मांतरण संबंधी कई कट्टरपंथी किताबें मिलीं, जिनमें लिखा था:- धर्म परिवर्तन कैसे करें
- उसके फायदे क्या हैं
- समाज में कैसे प्रचार करें
'इस्लामी बहनें' बनाने की ट्रेनिंग देता था ओसामा
पूछताछ में ओसामा नाम का एक और नाम सामने आया है, जो लड़कियों को ‘इस्लामी बहन’ बनाने की ट्रेनिंग देता था। वह इस नेटवर्क में माइंड प्रोग्रामिंग और धार्मिक कट्टरता फैलाने का अहम रोल निभा रहा था। अब्दुल के यूट्यूब चैनल और पॉडकास्ट में हिंदू प्रतीकों का अपमान, और धार्मिक भड़काव वाली बातें सामने आई हैं। उसके सहयोगी आयशा और मोहम्मद अली ने बताया:"रहमान चचा जैसा कहते थे, वैसा ही करते थे।"