सोमनाथ मंदिर की 75वीं जीर्णोद्धार वर्षगांठ पर विशे

CM योगी बोले - सनातन को मिटाने वाले मिट्टी में मिले. काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन

सोमनाथ मंदिर का 75वां जीर्णोद्धार वर्षगांठ

सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के आज 75 साल पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को नए सिरे से बनाए गए सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। इस उपलक्ष्य में सोमनाथ अमृत महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसी मौके पर काशी में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें छात्राओं और छात्रों ने शंखनाद के साथ डमरू वादन किया।

विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में ‘ॐ’ का जाप किया गया। यहां सीएम योगी ने राज्यपाल को पटका और रुद्राक्ष की माला पहनाई। CM और राज्यपाल ने पीएम मोदी को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में जलाभिषेक का लाइव टेलिकास्ट देखा। काशी में CM योगी आदित्यनाथ ने कहा- जिन्होंने सनातन को मिटाने का प्रयास किया, आज वे खुद मिट्टी में मिल चुके हैं। मुहम्मद गौरी और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं का अब कोई नाम लेने वाला भी नहीं है। सोमनाथ और काशी दोनों हमें संदेश देते हैं कि सनातन संस्कृति पर आक्रमण हो सकते हैं, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता। 

‘सनातन को मिटाने वाले मिट्‌टी में मिले’

सीएम योगी ने कहा- काशी विश्वनाथ धाम हो या सोमनाथ महादेव का मंदिर, दोनों भारत के गौरव के प्रतीक हैं। काशी में विश्वनाथ धाम का दिव्य और भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है। सोमनाथ मंदिर फिर भारत के गौरव का उद्घोष कर रहा है। CM ने कहा दुर्भाग्य से आज भी ऐसी कई शक्तियां हैं, जो भारत के गौरव के प्रतीक इन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आगे बढ़ते हुए देखना नहीं चाहतीं। हम लोग यह भी जानते हैं कि वे कौन लोग थे, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बाधा डाली थी। राम मंदिर के निर्माण में भी इन लोगों ने बार-बार बाधा खड़ी करने का प्रयास किया था।