ईडी ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कि

मंत्री अरोड़ा की गिरफ़्तारी के बाद पंजाब सीएम मान, केजरीवाल ने BJP पर साधा निशाना

मंत्री अरोड़ा की गिरफ़्तारी के बाद पंजाब सीएम मान, केजरीवाल ने BJP पर साधा निशाना

पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। सुबह से ही चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने छापेमारी शुरू की, जिससे सियासी हलकों में हलचल मच गई। इससे पहले भी करीब एक महीने पूर्व लुधियाना स्थित उनके ठिकानों पर जांच एजेंसी ने दबिश दी थी।

मंत्री संजीव अरोड़ा

सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाया है। जांच में 157.12 करोड़ रुपये की संदिग्ध बिक्री, शेल कंपनियों के जरिए फर्जी निर्यात और विदेशी लेन-देन के जरिए ‘राउंड-ट्रिपिंग’ जैसे आरोप सामने आए हैं। एजेंसी को संदेह है कि फेमा नियमों का उल्लंघन करते हुए यह पूरा नेटवर्क संचालित किया गया।

‘संस्थाओं का राजनीतिक दुरुपयोग’- पंजाब CM मान का प्रहार

इस कार्रवाई के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया। संगरूर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देशभर में भाजपा केंद्रीय एजेंसियों, जैसे कि ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और चुनाव आयोग, का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है।

मान ने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की छापेमारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई अचानक थम जाती है।

‘पंजाबी न दबेंगे, न डरेंगे’, मान ने किया दावा

पंजाब सीएम भगवंत मान

मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि अरोड़ा के ठिकानों पर पहले भी छापेमारी हो चुकी है, लेकिन कुछ ठोस नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अरोड़ा पर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि “पंजाब के लोग न तो डरते हैं और न ही दबाव में झुकते हैं।”

केजरीवाल का पलटवार, BJP पर गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में ईडी की कार्रवाई तेज हो गई।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पहले भी उद्योगपति अशोक मित्तल के यहां छापेमारी के बाद उन्हें भाजपा में शामिल कराया गया। उनका दावा है कि ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य भ्रष्टाचार से लड़ना नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव बनाना है।