इंदौर में सजा ‘मालवा उत्सव’: कार्यक्रम में पहुंचे CM डॉ मोहन यादव, बोले- “संस्कृति संरक्षण ही हमारी पहचान”
मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘मालवा उत्सव’ में रंग, संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर सहभागिता करते हुए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उनके संबोधन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया।
संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा अंचल सहित पूरे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराएं और कला रूप राज्य की पहचान हैं। इन्हें संरक्षित और संवर्धित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल संस्कृति को जीवंत रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी करते हैं।
आयोजकों को 5 लाख की प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मालवा उत्सव’ के सफल आयोजन के लिए आयोजक संस्था को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने उत्सव को प्रोत्साहित करने के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों को सरकार हर संभव सहयोग देगी।
मालवा से लेकर पूरे देश की संस्कृति की झलक
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मालवा उत्सव’ में मालवा अंचल की समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ देशभर की विविध सांस्कृतिक झलकियां भी देखने को मिलीं। उन्होंने इसे “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त करने वाला मंच बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
कला और परंपराओं का अद्भुत संगम
उत्सव में लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला रूपों का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत परंपराओं का प्रतीक बनकर उभरा।