हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनाव के लिए राजनीतिक ग

हिमाचल नगर निगम चुनाव में उतरे CM सुक्खू, 12 मई से करेंगे प्रचार; धर्मशाला पर रहेगा खास फोकस

हिमाचल नगर निगम चुनाव में उतरे CM सुक्खू, 12 मई से करेंगे प्रचार; धर्मशाला पर रहेगा खास फोकस

हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब तक शिमला में रहकर चुनावी फीडबैक ले रहे मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू मंगलवार से प्रचार अभियान में सक्रिय रूप से उतरेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उनके चुनावी कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसके तहत वे प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री 12 मई को सोलन नगर निगम में चुनाव प्रचार की शुरुआत कर सकते हैं। राज्य के चार नगर निगम, सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला में इस बार चुनाव हो रहे हैं, जिन पर सभी दलों की नजरें टिकी हैं।

हिमाचल सीएम सुक्खू

धर्मशाला में विशेष रणनीति के संकेत

सूत्रों के अनुसार, धर्मशाला नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस विशेष रणनीति के तहत प्रचार अभियान चलाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुक्खू यहां अलग अंदाज में चुनावी सभाएं कर सकते हैं, ताकि मतदाताओं को सीधे साधा जा सके।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में एक-एक दिन का समय देंगे और स्थानीय मुद्दों के आधार पर प्रचार की दिशा तय करेंगे।

मंत्रियों से लिया फीडबैक, जिम्मेदारियां तय

मुख्यमंत्री ने रविवार को शिमला स्थित ओक ओवर से सभी नगर निगम क्षेत्रों के प्रभारी मंत्रियों के साथ बैठक कर चुनावी गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ग्राउंड लेवल पर चल रही तैयारियों और जनसमर्थन को लेकर विस्तृत फीडबैक लिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भी चुनाव जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी मंत्रियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पिछले चार-पांच दिनों से राज्य सरकार के मंत्री विभिन्न वार्डों में जाकर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं और जनसभाएं आयोजित कर रहे हैं।

कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, बढ़ा सियासी तापमान

कांग्रेस का चुनावी चिन्ह

नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी संगठन और सरकार दोनों स्तर पर समन्वय बनाकर चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की यह रणनीति कितना असर दिखाती है और चुनाव परिणाम किस दिशा में जाते हैं।