मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में तहसील परिसर अखाड़े म

मध्य प्रदेश के मऊगंज में न्यायालय परिसर में खूनी संघर्ष

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी तहसील कार्यालय में न्याय की जगह गुंडागर्दी का खेल देखने को मिला। इंसाफ की उम्मीद लेकर पहुंचे फरियादियों को लात-घूसों और बुरी तरह पिटाई का शिकार बनना पड़ा। जमीन विवाद को लेकर शुरू हुई मामूली बहस तेजी से खूनी संघर्ष में बदल गई और तहसील परिसर पूरी तरह अखाड़े में तब्दील हो गया।

पीड़ित पक्ष पर खुलेआम हमला बोल

जानकारी के अनुसार, जमीन से संबंधित विवाद में एक पक्ष के दबंगों ने पीड़ित पक्ष पर खुलेआम हमला बोल दिया। सार्वजनिक स्थान पर लात-घूंसे, थप्पड़ और मारपीट का सिलसिला चला। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस दौरान तहसील परिसर में मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग मूकदर्शक बने रहे। 

किसी डर के पीड़ितों को बुरी तरह पीटा

किसी ने हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं दिखाई। प्रशासनिक मुस्तैदी की यह तस्वीर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।पीड़ित पक्ष ने बताया कि वे शांतिपूर्वक अपनी शिकायत दर्ज कराने आए थे, लेकिन विपक्षी पक्ष के गुंडे पहले से तैयार थे। उन्होंने बिना किसी डर के पीड़ितों को बुरी तरह पीटा। 

कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अफरा-तफरी और मारपीट का साफ मंजर दिख रहा है। वीडियो देखकर आम जनमानस में आक्रोश और दहशत दोनों फैल गई है।न्याय के मंदिर में हिंसा की यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं है, बल्कि पूरे जिले की कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल है। 

आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

जब तहसील जैसी जगह पर अपराधी बेखौफ होकर मारपीट कर सकें और प्रशासन चुपचाप तमाशा देखे, तो अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो गए हैं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।पीड़ित पक्ष ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। 

अब देखना यह होगा कि मऊगंज प्रशासन इन बेखौफ गुंडों पर कितनी जल्दी नकेल कसता है या फिर यह मामला भी अन्य कई मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।यह घटना मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती को फिर से रेखांकित करती है।