झारखंड में राजनीतिक उथल-पुथल: चंपाई सोरेन का हेमंत सरकार पर तीखा हमला
झारखंड में सियासी तूफान: चंपाई सोरेन का हेमंत सरकार पर तीखा हमलापूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने हेमंत सोरेन सरकार पर बड़े हमले बोले हैं। बोकारो में भाजपा के प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड की स्थिति अब पश्चिम बंगाल जैसी हो गई है। भ्रष्टाचार और घुसपैठ चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि ममता बनर्जी और टीएमसी सरकार की तरह झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार का भी पतन तय है।चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि पंचायत से लेकर राज्य सचिवालय तक बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता।
कई जगह चापाकल गायब
पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि झारखंड अब घुसपैठियों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे राज्य की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है। विस्थापितों की समस्याओं पर सरकार पूरी तरह उदासीन है।बोकारो जिले में पानी और बिजली की बदहाली को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा। कहा कि 3.16 लाख घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन आधा काम भी पूरा नहीं हुआ। जहां काम हुआ भी, वहां नियमित पानी नहीं मिल रहा। 72 घंटे में चापाकल सुधारने का दावा किया गया था, लेकिन कई जगह चापाकल गायब हैं।
झारखंड की सियासी बहस
200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा भी खोखला साबित हो रहा है, क्योंकि पर्याप्त बिजली आपूर्ति ही नहीं हो रही।चंपाई सोरेन ने वेतन घोटाले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पैसे देकर अधिकारियों की पोस्टिंग हो रही है, जिससे पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। कांग्रेस के मंत्री वसूली में व्यस्त हैं। पूर्व विधायक बिरंची नारायण ने भी बोकारो की बदहाली का बयान देते हुए कहा कि चीरा-चास क्षेत्र में लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं।प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने सात सूत्री मांगपत्र प्रशासन को सौंपा। इस हमले से झारखंड की सियासी बहस और तेज हो गई है।