जिस घर में तीन महीने पहले MBBS छात्रा ने किया था सुसाइड,अब उसी के मकान मालिक ने दी जान,पत्नी का आरोप- पुलिस घंटो बैठाकर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुछ दिनों पहले कोहेफिजा में जिस एमबीबीएस की छात्रा ने सुसाइड किया था। उसके मकान मालिक ने शनिवार 9 मई की देर रात उसी घर में आत्महत्या कर ली है। पत्नी का आरोप है कि पुलिस घंटों पूछताछ के लिए बिठाती थी। तो वहीं लकड़ी के परिजनों पर भी झूठा केस लगाने का आरोप हैं। जानकारी के अनुसार तीन महीने पहले गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 साल की छात्रा ने फरवरी में आत्महत्या कर ली थी। उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने देर रात घर में आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के परिवार के आरोपों और मानसिक प्रताड़ना के चलते विजय राठौर डिप्रेशन में थे। और इसी वजह से उन्होंने अपनी जान दे दी।
परिजनों पर कार्रवाई की मांग कर रही पत्नी
जानकारी के अनुसार मृतक विजय राठौर की पत्नी करुणा राठौर ने आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन घर आए थे और हत्या के आरोप लगाकर दबाव बना रहे थे। यहीं कारण है कि वे छात्रा के परिजन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पति बेकसूर थे। इसके बाद भी उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा था। यही वजह है कि उन्होंने आत्महत्या कर ली।
क्या कहना है पुलिस का
इस मामले में कोहेफिजा पुलिस का कहना है कि इस मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। चूंकि मृतक की बेटी अभी बेंगलुरु में है। ऐसे में उसके आने के बाद पोस्टमार्टम यानी पीएम होगा।
एमबीबीएस छात्रा का शव बाथरूम में मिला था
आपको बता दें एमबीबीएस छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में पड़ा मिला था जिसके पास में एसिड की बोतल मिली थी। पुलिस को शुरुआती जांच में घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला था। पर बाद में जब मोबाइल की फॉरेंसिक जांच हुई तो उसमें 17 फरवरी को मिले सुसाइड नोट मिला, जिसमें रोशनी ने लिखा था- “सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई करना उससे भी कठिन है।” पुलिस के अनुसार मौत से कुछ घंटे पहले रात 1 से 1:30 बजे के बीच ये सुसाइड नोट मृतक ने खुद को वॉट्सएप किया गया था।