गोरखपुर में CM योगी ने 995 करोड़ रुपए की विकास परि

CM योगी ने गोरखपुर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण किया, रवि किशन की फिर ली चुटकी

योगी ने गोरखपुर में फ्लाईओवर का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह 11 बजे गोरखपुर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। इसके बाद कुछ दूरी तक फ्लाईओवर पर पैदल चले और शिलापट्ट के पास खड़े होकर फोचो खिंचवाई। उन्होंने 995 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 

CM ने ली रवि किशन की चुटकी

जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने एक बार फिर सांसद रवि किशन की चुटकी ली। उन्होंने गोरखपुर में कहा, "मैंने देखा कि एक दिन बारिश हुई थी तो रवि किशन पानी में घुसकर जा रहे थे। अपने हाथ से नाली साफ कर रहे थे। मैंने उनसे कहा कि अतिक्रमण हटवाओ, पानी अपने आप निकल जाएगा।" CM योगी ने कहा, "सुना है रवि किशन ने दावत दी थी। कितने लोगों को भोजन कराया?" इस पर 5 लोगों ने हाथ उठाए। सीएम योगी हंसते हुए बोले, "दोनों हाथ मत उठाइए।" इसके बाद एक व्यक्ति ने हाथ नीचे कर लिया। इस पर योगी ने चुटकी लेते हुए कहा, "यानी 4 लोगों को ही खाना खिलाया।" इसी बीच, मंच पर मौजूद रवि किशन पीछे से बोले, "महाराज जी, पूरे इलाके को भोजन कराया था।"

तेजी से हो रहा विकास - CM

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया में इतना जल संसाधन किसी के पास नहीं है, जितना आपके पास है। इसका सदुपयोग करना चाहिए। पानी का संरक्षण करना होगा। इसमें ज्यादा खर्च नहीं है। जो विकास आज गोरखपुर में हो रहा है। यहां के हर विधानसभा में हो रहा है। हर जगह विकास के काम तेजी से आगे बढ़ा। हर सांसद, हर विधायक किसी न किसी मंदिर के जीर्णोद्धार के आयोजन को आगे बढ़ा रहा है। जब आप जागरूक जनप्रतिनिधि चुनते हैं तो ऐसा होता है। जब विकास होता है तो उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। इस फ्लाईओवर से बड़ी आबादी लाभान्वित होगी।

विपक्ष पर निशाना

CM योगी ने कहा 2017 के पहले दंगे होते थे। अराजतकता चरम पर थी। होली, दशहरा, रामनवमी पर दंगा होता था। कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे। जन्माष्टमी का आयोजन नहीं होता था।  जो आस्था पर प्रहार करते थे, वे आज सबसे बड़े आस्थवान बनने का ठेका ले रखा है। जिन्होंने राम मंदिर के राह में बाधा खड़ी की। रामभक्तों पर गोली चलवाई। कोर्ट में अपने अधिवक्ता खड़े किए विरोध में। जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते थे।