उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में रात को हुए हादसे मे

उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में हादसा, श्रमिक की मौत, धरने पर बैठे मजदूर

उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में हादसा

उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में देर रात कंक्रीट स्लैब (शॉटक्रीट लाइनिंग) गिरने से 22 साल के श्रमिक नरेश की मौत हो गई। मृतक झारखंड का रहने वाला था। हादसे के बाद मजदूरों ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नरेश को हेलमेट नहीं दिया गया। इसी के विरोध में उन्होंने धरना शुरू कर दिया।

900 मीटर अंदर हुआ हादसा

टनल परियोजना प्रबंधन के अनुसार, हादसा रात करीब 2 बजे बड़कोट छोर से करीब 900 मीटर अंदर हुआ। इनर कंक्रीटिंग लाइन का काम चल रहा था। इसी दौरान श्रमिक के मूवमेंट के वक्त कंक्रीट स्लैब गिर गया, जो उसकी गर्दन के पीछे लगा। गंभीर रूप से घायल श्रमिक को पहले अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे नौगांव अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। DM प्रशांत आर्य ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई। ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट बीमा और वर्कमेन कम्पनसेशन एक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

हेलमेट होता तो उसकी जान बच जाती

घटना के बाद श्रमिकों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि मृतक को सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं दिया गया। उनका कहना है कि हेलमेट होता तो उसकी जान बच जाती। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मजदूरों ने टनल में काम करने से इनकार कर दिया और सुरक्षा की गारंटी मिलने तक धरने पर बैठ गए। शॉटक्रीट लाइनिंग टनल निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली एक तकनीक है। टनल खोदने के बाद उसकी छत और दीवारों पर हाई प्रेशर वाली मशीन से विशेष तैयार कंक्रीट मिश्रण को स्प्रे कर दिया जाता है। यह तेजी से जम जाता है और टनल की दीवारों को मजबूती प्रदान करता है।