मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद उत्तराखंड

मणिपुर में शहीद उत्तराखंड के 2 जवानों का अंतिम संस्कार, सीने पर खाई 9 गोलियां

मणिपुर में शहीद उत्तराखंड के 2 जवानों का अंतिम संस्कार

मणिपुर में शहीद हुए उत्तराखंड के दो जवानों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार सुबह सेना के हेलिकॉप्टर से दोनों जवानों के पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचे थे। वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल का अंतिम संस्कार हल्द्वानी के रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया, जबकि पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार चंद्रमोहन सिंह का अंतिम संस्कार गाजियाबाद में किया।

2 जवान शहीद

3 दिन पहले मणिपुर के उखरुल जिले में असम राइफल्स की 40वीं बटालियन के काफिले पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया था, जिसमें उत्तराखंड के 2 जवान शहीद हो गए थे। वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर हल्द्वानी के मोतीनगर स्थित कर्नल फार्म, जगदंबा विहार में उनके आवास पहुंचा।

सेना के जवानों ने बलवंत सिंह खेतवाल के पार्थिव शरीर को कंधा दिया

अंतिम संस्कार में जुटी भीड़

तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर को देखते ही पत्नी संगीता देवी, दोनों बेटियां और बेटा बिलख पड़े। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटी। सेना के जवान जैसे ही पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे, लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, बलवंत तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगाए गए। शहीद बलवंत सिंह का अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद के बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। वहीं, हवलदार चंद्रमोहन सिंह का अंतिम संस्कार गाजियाबाद में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।

 सीने में 9 गोलियां

बता दे उग्रवादियों के हमले में हवलदार चंद्रमोहन सिंह के सीने में 9 गोलियां लगीं, जबकि वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह के पीठ में 3 गोलियां लगीं। पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे सेना के जवानों ने बताया कि मणिपुर में हुए हमले के दौरान वाहन चंद्रमोहन सिंह चला रहे थे, जबकि बलवंत सिंह उसमें बैठे हुए थे। IED ब्लास्ट के बाद दोनों जवान वाहन से कूद गए। इसी दौरान घात लगाए उग्रवादियों ने उन पर हमला कर दिया।