उत्तराखंड में नई रेल सेवा शुरू, कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ेगी, CM धामी और रेलमंत्री ने दिखाई हरि झंड़ी
उत्तराखंड को कुमाऊं और गढ़वाल को सीधे जोड़ने वाली नई रेल सेवा की सौगात मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर नियमित संचालन की शुरुआत की। फिलहाल यह ट्रेन सप्ताह में 2 दिन चलेगी। रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो इसे दैनिक सेवा में बदला जाएगा। CM धामी ने कहा कि यह ट्रेन सिर्फ एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल के बीच विकास, संपर्क और रोजगार के नए अवसरों की "जीवनरेखा" साबित होगी। उन्होंने इसके लिए PM नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार जताया।
रेल परियोजना अंतिम चरण
रामनगर से देहरादून तक यह ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार होते हुए चलाई जाएगी। इससे कुमाऊं, गढ़वाल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रदेश सरकार का दावा है कि इससे छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ा लाभ होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अंतिम चरण में है और इसके पूरा होने से चारधाम क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को वर्ष 2026-27 में रेलवे विकास के लिए रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपए का बजट मिला है, जबकि राज्य में करीब 39 हजार करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
20 नई या विस्तारित नियमित रेल सेवाएं शुरू
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करेगी। अगर इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो रेलवे इसे रोजाना चलाने पर विचार करेगा। रेल मंत्री ने बताया कि साल 2023 से अब तक उत्तराखंड को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने के लिए 20 नई या विस्तारित नियमित रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है।
ये रहेगा रूट
ये एक्सप्रेस रामनगर – देहरादून के बीच चलेगी। इसका संचालन सप्ताह में 2 दिन किया जाएगा। ये काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, से होते हुए नजीबाबाद, हरिद्वार में रूकेगी। अहम बात यह है कि यात्रियों की डिमांड बढ़ने पर ट्रेन रोजाना चलाई जाएगी। 2023 के बाद उत्तराखंड के लिए 20 नई-विस्तारित रेल सेवाएं शुरू हुई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 11 स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।