उत्तराखंड में भारी बारिश बनी आफत, लैंडस्हलाइड, हजारों यात्री प्रभावित
उत्तराखंड में देर रात से तेज बारिश हो रही है। इस कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड हुई है। पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलघटिया के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण 12 से ज्यादा वाहन और 20 से ज्यादा यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं।
गंगा खतरे के निशान से उपर
हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर लिया है। ऋषिकेश में गंगा किनारे जाने पर रोक लगा दी गई, ये रोक कांवड़ियों के लिए भी लागू है। प्रशासन लोगों से घाटों से दूर रहने की अपील की है। वहीं, अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके बाद लाउडस्पीकर के जरिए तटीय इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है। देहरादून में टोंस नदी के उफान में फंसे 3 बच्चों को प्रेमनगर पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
मलबे में दबे वाहन
रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा में उफनाए गदेरे से केदारनाथ हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे 10 से ज्यादा वाहन मलबे में दब गए। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (धरासू और नालूपानी) और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (सिलाई बैंड और दुर्बिल) मलबा और पत्थर गिरने से पूरी तरह बंद हैं। चमोली के विनायक चट्टी में बादल फटे, वहीं गैरसैंण में लैंडस्लाइड से 4 घर खतरे की जद में आ गए। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हेलंग और आमसौड़ के पास बंद होने से 200 से ज्यादा यात्री रोके गए हैं। इसके अलावा, नारायणबगड़-कर्णप्रयाग मार्ग पर भी यातायात ठप है।
20 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक, प्रदेशभर में बारिश के कारण आज 20 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। वहीं टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में यलो अलर्ट जारी किया।