कारगिल विजय दिवस पर CM धामी ने किया जवानों को नमन, की बड़ी घोषणाएं
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड में शौर्य दिवस मनाया गया। देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए 527 वीर जवानों में 75 उत्तराखंड के थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2004 से 2009 तक कारगिल विजय दिवस नहीं मनाया गया।
CM की घोषणाएं
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड का युवा वर्दी को नौकरी नहीं, बल्कि मां भारती की सेवा का सौभाग्य मानता है। समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि राज्य के परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली सम्मान राशि ₹1.5 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ की जाएगी। साथ ही सैन्य धाम का लोकार्पण भी जल्द होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को वीर सैनिकों के शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाएगा।
विपक्ष पर निशाना
CM ने कहा हमारे यहां का युवा जब वर्दी पहनकर निकलता है तो उसे नौकरी नहीं बल्कि मां भारती की सेवा का सौभाग्य मानता है। हमारे लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि 1929 से भी ज्यादा वीरता पदक विजेताओं की विरासत है। CM ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा 2004 से लेकर 2009 तक कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने कारगिल विजय दिवस नहीं मनाया। ये दिखाता है कि सेना के लिए इनका क्या भाव है। जिस पराक्रम पर पूरे देश को गर्व हुआ, उसे सिर्फ इसलिए नहीं मनाया गया क्योंकि उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी।"
कारगिल विजय दिवस
देश में हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1999 के कारगिल युद्ध में सेना की ऐतिहासिक जीत और शहीद जवानों के अदम्य साहस व सर्वोच्च बलिदान को समर्पित है। इस साल देश कारगिल विजय की 27वीं वर्षगांठ मना रहा है। कारगिल युद्ध करीब 60 दिनों तक चला, जिसके बाद 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने सभी चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराकर जीत हासिल की थी।