उत्तराखंड में बाघों की संख्या तीन गुना बढ़कर 560 ह

उत्तराखंड दूसरे राज्यों को करेगा बाघ गिफ्ट, CM धामी बोले - औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद करेंगे विचार

उत्तराखंड दूसरे राज्यों को करेगा बाघ गिफ्ट

उत्तराखंड जल्द ही दूसरे राज्यों को बाघ देने वाला देश का प्रमुख राज्य बन सकता है। प्रदेश सरकार उन राज्यों को बाघ उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है, जहां टाइगर आबादी बढ़ाने की जरूरत है। हाल ही में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में भी इस पर बात हुई। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यदि कोई राज्य मांग करता है और सभी वैज्ञानिक व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं तो उत्तराखंड इस दिशा में सहयोग करेगा।

बाघों की संख्या तीन गुना बढ़ी

उत्तराखंड में बाघों की संख्या पिछले दो दशक में तीन गुना से अधिक बढ़कर 178 से 560 हो चुकी है। इसके चलते अब कई टाइगर नई टेरेटरी की तलाश में टाइगर रिजर्व से बाहर के जंगलों तक पहुंच रहे हैं। इससे जहां संरक्षण मॉडल की सफलता दिख रही है, वहीं मानव-बाघ संघर्ष की चुनौती भी बढ़ रही है।

बाघों के ट्रांसलोकेशन पर विचार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड बाघ संरक्षण में देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रदेश में वन क्षेत्र की तुलना में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में अगर कोई राज्य मांग करता है और सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं तो वैज्ञानिक आधार पर बाघों के ट्रांसलोकेशन पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा - उत्तराखंड में टाइगर संरक्षण के बेहतर परिणाम मिले हैं। अगर कोई राज्य बाघों की मांग करता है और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होती हैं, तो हम सहयोग करने को तैयार हैं। 

क्या है 'टाइगर गिफ्ट' प्लान? 

बता दे 2006 में उत्तराखंड में 178 बाघ थे। 'स्टेट ऑफ टाइगर्स-2022' रिपोर्ट के अनुसार, अब इनकी संख्या 560 हो गई है। इनमें सबसे अधिक 260 बाघ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हैं। वन विभाग बेहतर संरक्षण, निगरानी और आवास प्रबंधन को इस उपलब्धि की बड़ी वजह मान रहा है। यदि उत्तराखंड से किसी अन्य राज्य को टाइगर भेजे जाते हैं तो इसके लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) की मंजूरी जरूरी होगी। पहले भी कॉर्बेट से राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के ट्रांसलोकेशन के लिए NTCA की अनुमति ली गई थी।