उत्तर प्रदेश सरकार ने सावन महीने के लिए कांवड़ यात

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां, सावन के महीने में मांस की दुकानें बंद रहेंगी

सावन के महीने में मांस की दुकानें बंद रहेंगी

सावन महीने की शुरुआत और कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बरेली के सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने BJP नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। 

मांस और मछली की दुकानें बंद

बैठक में फैसला लिया गया कि सावन महीने के दौरान बरेली में मांस और मछली की दुकानें बंद रहेंगी। मंत्री धर्मपाल सिंह ने साफ कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री धर्मपाल ने बताया कि पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों का स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 

करीब 7,000 कांवड़ जत्थे पहुंचेंगे

मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस बार बरेली में करीब 7,000 कांवड़ जत्थे पहुंचेंगे। हर जत्थे के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अगर बरेली के कांवड़ियों को किसी दूसरे जिले में कोई परेशानी होती है तो वे बरेली पुलिस से संपर्क कर सकेंगे और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में कांवड़ मार्गों की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठा। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि 30 जुलाई से पहले सभी टूटे-फूटे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों की मरम्मत पूरी कर ली जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट

मंत्री धर्मपाल ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट तय की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान कांवड़ बिजली के तारों के संपर्क में न आए। बिजली विभाग को भी सभी झूलते तारों को वक्त रहते ठीक कराने के निर्देश दिए गए। धर्मपाल सिंह ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही सोशल मीडिया की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है, ताकि किसी भी अफवाह और भ्रामक सूचना से बरेली का माहौल प्रभावित न हो।