एमपी विधानसभा में UCC बिल पेश, मानसून सत्र के दूसरे दिन होगी चर्चा; कांग्रेस ने किया विरोध
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल सदन में पेश कर दिया। मंत्री गौतम टेटवाल ने बिल को विधानसभा के पटल पर रखा। इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। अब 21 जुलाई को विधानसभा में इस बिल पर विस्तार से चर्चा होगी।
दिवंगत नेताओं के निधन का उल्लेख किया
सत्र की शुरुआत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिवंगत नेताओं के निधन का उल्लेख किया। इनमें पूर्व मंत्री अश्विन जोशी, पहाड़ सिंह कन्नौजे, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, शायर डॉ. बशीर बद्र और प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई शामिल रहे।
राजनीतिक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बरगी हादसे, नीट पेपर लीक और पटाखा फैक्ट्री हादसे में जान गंवाने वालों को भी श्रद्धांजलि देने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्ति जताते हुए कहा कि दिवंगतों के सम्मान के दौरान इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।
UCC से बाहर रखा जाए
UCC बिल को लेकर विधानसभा के बाहर भी सियासत तेज रही। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और UCC के विरोध में पोस्टर दिखाया। उन्होंने मांग की कि आदिवासियों की तरह मुस्लिम समाज को भी UCC से बाहर रखा जाए।
मंगलवार को सदन में इस बिल पर बहस होगी
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए मुस्लिम समाज को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने कहा कि युवाओं की प्राथमिकता यूनिफॉर्म सिविल कोड नहीं बल्कि यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड होनी चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने UCC का समर्थन किया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सभी को समान अधिकार मिलेंगे और UCC लागू होगा। गोपाल भार्गव ने कहा कि UCC में विवाह और सामाजिक व्यवस्था को लेकर बेहतर प्रावधान किए गए हैं। अब मंगलवार को सदन में इस बिल पर बहस होगी।