अतीक के बेटे के काफिले की 30 गाड़ियों पर केस:टोल प्लाजा पर हंगामे का आरोप
माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे मोहम्मद उमर से जुड़ा एक और विवाद सामने आया है। प्रतापगढ़ और प्रयागराज पुलिस ने उमर के काफिले में शामिल गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि काफिले में शामिल वाहनों ने टोल प्लाजा पर बिना शुल्क दिए बैरियर तोड़े और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज व धमकी दी। कुछ वाहन चालकों पर कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश करने का भी आरोप है।
28 गाड़ियों पर FIR
प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा पर हुई घटना को लेकर पुलिस ने 28 गाड़ियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। टोल प्रबंधन के मुताबिक, उमर के काफिले के पीछे करीब 25 से 30 निजी वाहन टोल बूथ पर पहुंचे। आरोप है कि ड्राइवरों ने बिना टोल फीस दिए तेज रफ्तार में बूम बैरियर तोड़कर गाड़ियां निकाल दीं।
प्रतापगढ़ में भी केस
प्रयागराज से पहले प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र स्थित अख्तियारी कोटिला टोल प्लाजा पर भी काफिले से जुड़ी दो गाड़ियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि एक थार चालक ने टोल शुल्क देने से इनकार किया और बैरियर तोड़ते हुए कर्मचारी पर वाहन चढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद एक स्कॉर्पियो समेत अन्य वाहन भी बिना टोल दिए निकल गए। कर्मचारियों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
जनाजे में आए थे उमर-अली
अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद लखनऊ और झांसी जेल में बंद उमर और अली ने प्रयागराज में जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी थी। हाईकोर्ट ने दोनों को कुछ शर्तों के साथ जनाजे में शामिल होने की अनुमति दी थी।
पुलिस सुरक्षा में पहुंचे
8 अगस्त को उमर को लखनऊ जेल और अली को झांसी जेल से पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया। दोनों के पीछे उनके करीबियों की गाड़ियां भी चलती रहीं। प्रयागराज की सीमा में पहुंचते-पहुंचते काफिले में वाहनों की संख्या बढ़ गई।
CCTV से होगी पहचान
नवाबगंज पुलिस टोल प्लाजा के CCTV फुटेज, कर्मचारियों के बयान और वाहनों के नंबरों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैरियर को किस वाहन से नुकसान पहुंचा और घटना के समय कौन-कौन सी गाड़ियां वहां से गुजरी थीं।