बरसात के मौसम में पंजाब में लगातार बढ़ रहा डेंगू का खतरा
फाजिल्का के सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही
स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता से सहयोग मांगा
डेंगू से बचाव के लिए सतर्कता बरतें और अपने घर तथा आसपास सफाई बनाए रखें
टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही और डेंगू का लार्वा मिल रहा, उसे नष्ट किया जा रहा
थोड़ी सी सावधानी अपनाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं
पंजाब डेस्क
पंजाब में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। रोजाना मामले सामने आ रहे हैं। वही फाजिल्का के सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोजाना डेंगू के पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। जिले में अब तक करीब 162 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 46 सक्रिय हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता से सहयोग की अपील की है। वे डेंगू से बचाव के लिए सतर्कता बरतें और अपने घर तथा आसपास सफाई बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम इस बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
दो दिनों में करीब 23 मामले सामने आए
फाजिल्का के सिविल सर्जन डॉ. रोहित गोयल ने बताया कि फाजिल्का जिले में डेंगू के मामलों की संख्या रोजाना बढ़ रही है, पिछले दो दिनों में करीब 23 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कुल 162 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 46 सक्रिय हैं। जिले भर में 120 टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन अकेले फाजिल्का में ही 100 से ज्यादा डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं और जो भी डेंगू का लार्वा मिल रहा है उसे नष्ट किया जा रहा है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग फुल आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली क्रीम और कॉइल का इस्तेमाल करें।
टंकी खाली कर अच्छे से सुखाना जरूरी
डेंगू फैलाने वाला एडीज़ मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए घर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें — चाहे वह कूलर, गमले, पुराने टायर, बोतल या बाल्टी में ही क्यों न हो। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर या पानी की टंकी को खाली कर अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील की, क्योंकि उनकी टीमों को घर-घर जाकर जांच करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने डेंगू पर नियंत्रण के लिए टीम का सहयोग करने की अपील की। वही लोगों को भी डेंगू से बचने के लिए सावधानियां बरतनी चाहिए।
ब्रूफेन या एस्पिरिन दवाएं खुद से ना ले
डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मरीजों को ब्रूफेन या एस्पिरिन जैसी दवाएं खुद से नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि ये प्लेटलेट्स को कम कर सकती हैं। डेंगू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीना भी जरूरी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। ध्यान रहे कि एडीज़ मच्छर दिन में काटता है, इसलिए दिन के समय भी सावधानी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम इस बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।