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Swami Avimukteshwaranand Anshan News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी, बोले- 'प्रशासन जब तक माफी नहीं मांगेगा, फूटपाथ पर रहूंगा...'!
Swami Avimukteshwaranand Anshan News: इन दिनों प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। मौनी अमावस्या के अवसर पर दूर – दूर से भक्त स्नान करने पहुंच रहें है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराज ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन आज भी जारी है। बीते दिन मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के लिए निकले शंकराचार्य के रथ को पुलिस ने भीड़ और सुरक्षा कारणों से रोका था। इससे नाराज होकर वे बिना स्नान किए लौट गए और अन्न-जल त्याग कर धरने पर बैठ गए। अनशन पर बैठने के बाद से अभी तक वे अपने आसन से हिले नहीं है। आज दोपहर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, उसमें बात चीत के दौरान कहा - 'जब तक प्रशासन उनसे माफी मांगता तब तक वो अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि-
अब क्या किसी साधु संत सनातनी को परमिशन लेकर गंगा में स्नान करना होगा। इसमें परमिशन की कोई बात नहीं है क्या कोई बच्चा अपनी मां गंगा से मिलने के लिए परमिशन लेता है। यहां लोग अपने पाप का उपार्जन करने पुण्य लाभ लेने आते है। लेकिन शंकराचार्य को ऐसा मंतव्य नहीं होता है। हमारी डुबकी को देखकर लाखों करोड़ों लोग यहां आते है। हम अपने मूवमेंट की सूचना देते है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो। हमारे शिविर से जो सूचना दी जानी थी वो दी गई थी, 3 दिन पहले पूरा कार्यक्रम लिखकर दिया जा रहा है।
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खेड़ा का सरकार पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि PM नरेंद्र मोदी 12 साल से सत्ता में हैं और जिनकी मेहरबानी से ये सत्ता में बैठे हैं, उनके साथ ही ऐसा सलूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले मोदी ने कहा था 'मैं हिंदुओं का मसीहा'।
कैसे शुरु हुआ विवाद?
Swami Avimukteshwaranand Anshan News: अन्न-जल त्याग अनशन
मीडिया से बातचीत के दौरान एक योगीराज ने बताया कि- 'शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने भी नहीं आया। सुबह अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया।'Swami Avimukteshwaranand Anshan News: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने क्या कहा?
ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि- 'जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा। प्रण लेता हूं, मैं हर मेले के लिए प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा। फुटपाथ पर अपनी व्यवस्था करूंगा।' ज्योतिषपीठ शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद पर कहा कि- 'अधिकतर लोग समझ नहीं पा रहे कि यह आखिर ऐसा क्यों हुआ? किसी संत किसी साधु की सरकार के अधीन मेला प्रशासन कैसे बाल बटुकों और संतों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कर सकता है।'
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