कोयले की रफ्तार से बढ़ा MP का खजाना! सिंगरौली वन विभाग ने तोड़ा राजस्व रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले ने राजस्व वसूली के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। जिला खनिज और पंजीयन विभाग के बाद अब वन विभाग ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए शासन के खजाने में बड़ी राशि जमा की है। वित्त वर्ष 2025-26 में वन विभाग ने तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व वसूली कर प्रदेश स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
510 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 595 करोड़ की वसूली
सिंगरौली जिले में कोयला खनन और परिवहन से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से वन विभाग को परिवहन राजस्व प्राप्त होता है। शासन ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को 510 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया था। इसके मुकाबले वन विभाग ने 595 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली कर ली है।
85 करोड़ रुपये ज्यादा जुटाया राजस्व
वन विभाग की यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से करीब 85 करोड़ रुपये अधिक राजस्व जुटाया है। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर प्रबंधन, लगातार निगरानी और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण यह संभव हो पाया है। इस रिकॉर्ड वसूली से प्रदेश सरकार के राजस्व में भी बड़ा योगदान मिला है।
DFO अखिल बंसल की मॉनिटरिंग का असर
इस उपलब्धि का श्रेय सिंगरौली के डीएफओ अखिल बंसल की कार्यशैली और सख्त मॉनिटरिंग को दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उनके निर्देशों और नियमित समीक्षा के कारण कोयला परिवहन से जुड़े मामलों में राजस्व वसूली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया गया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर समन्वय से यह लक्ष्य हासिल किया गया।
खनन और परिवहन क्षेत्र से बढ़ी आमदनी
सिंगरौली में वर्तमान में 12 प्रमुख परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें कोयला उत्पादन और परिवहन का काम होता है। इन परियोजनाओं से मिलने वाला राजस्व जिले के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वन विभाग की इस उपलब्धि को प्रशासनिक दक्षता और बेहतर प्रबंधन का परिणाम बताया जा रहा है।
प्रदेश में चर्चा का विषय बना रिकॉर्ड
सिंगरौली वन विभाग की रिकॉर्ड राजस्व वसूली अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन जारी रहेगा और सरकारी राजस्व में और वृद्धि होगी।