संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों और छात्रों के मुद्

जंतर-मंतर पर 27 जुलाई को किसानों का बड़ा प्रदर्शन, संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र के खिलाफ आंदोलन का किया ऐलान

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने किसानों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के अनुसार, 27 जुलाई को देशभर के किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन में किसानों के मुद्दों के साथ-साथ छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

छात्रों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

किसान नेताओं का कहना है कि युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। नीट पेपर लीक जैसे मामलों के विरोध के बाद अब संयुक्त किसान मोर्चा ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा जरूरी है।

ट्रेड डील के विरोध में भी प्रदर्शन

संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी विरोध करने का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि ऐसी नीतियों का सीधा असर देश के किसानों और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है। इसी को लेकर किसान नेता केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने का दावा

किसान नेताओं के मुताबिक, इस प्रदर्शन में देशभर से बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। इसी कारण सभी किसान संगठनों ने एकजुट होकर दिल्ली में आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

चंडीगढ़ में भी सात दिन का मोर्चा

दिल्ली के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा ने चंडीगढ़ में भी सात दिनों तक धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए लगातार आंदोलन जारी रखा जाएगा। उनका दावा है कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज होगा

संयुक्त किसान मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन का विस्तार किया जाएगा। किसान संगठनों ने कहा कि वे किसानों और छात्रों के अधिकारों के लिए देशभर में अभियान चलाएंगे और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।