संविधान हत्या दिवस पर CM विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर हमला, कहा- सत्ता के अहंकार में कुचली गई संविधान की आत्मा
रायपुर। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का "काला दिवस" बताया और आपातकाल को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सबसे बड़ा प्रहार करार दिया।
आपातकाल थोपा गया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 जून 1975 को सत्ता के अहंकार में देश पर आपातकाल थोपा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान संविधान की मूल भावना और लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया। उनके अनुसार आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और सरकार के विरोध में आवाज उठाने वाले हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पत्रकारों को मीसा (MISA) के तहत जेल भेज दिया गया।
सभी लोगों का देश सदैव ऋणी रहेगा
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने उस कठिन दौर को देखा है, जब असहमति को दबाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों का देश सदैव ऋणी रहेगा।
विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" के रूप में मनाने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद करने और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर है।
संविधान की गरिमा पर कभी आंच न आए
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि 25 जून केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान की गरिमा पर कभी आंच न आए।