मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की 'सहयोग' कार्यक्रम और सोलर योजना की घोषणा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम हॉल में राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया गया। साथ ही देशरत्न मार्ग से मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र तक बनाए गए 'सहयोग पथ' का भी लोकार्पण किया गया।
सरकार के सामने रखीं समस्याएं
कार्यक्रम के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखीं। प्रदेश स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए।उनमें से 100 आवेदक स्वयं उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री सम्राट ने उनकी शिकायतों की सुनवाई की और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या फिर कर्मी की लापरवाही और उदासीनता के कारण शिकायतों का वक्त पर निष्पादन नहीं होता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
शिकायतों का निस्तारण
CM ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। जिला स्तर पर शिकायतों के निस्तारण के बावजूद यदि किसी आवेदक को निर्णय पर आपत्ति होती है तो प्रदेश स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से उसके मामले की दोबारा समीक्षा कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।
125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ
मुख्यमंत्री सम्राट ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री सोलर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है। अगर उपभोक्ता 126 यूनिट से ज्यादा बिजली का उत्पादन करता है तो अतिरिक्त बिजली का आर्थिक लाभ भी उसे मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने की अपील की और कहा कि दूरस्थ और दुर्गम गांवों को 'सोलर विलेज' के रूप में विकसित कर बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।