बुनकरों के लिए 1.36 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत, CM सम्राट का ऐलान - बिहार में खुलेंगे 400 नए डिग्री कॉलेज
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर पटना के खादी मॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अलग ही अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री चौधरी ने मॉल का भ्रमण कर वहां प्रदर्शित हस्तकरघा और खादी उत्पादों को देखा।
राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित
इस दौरान उन्होंने अपनी पसंद के कपड़े चुने और UPI के माध्यम से भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री सम्राट के इस अंदाज ने हथकरघा उत्पादों के प्रति सरकार के प्रोत्साहन का संदेश दिया। 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, उद्योग विभाग की ओर से राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बुनकरों को आर्थिक सहायता
हथकरघा दिवस पर सरकार ने बुनकरों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया। UID उत्कीर्ण हस्तकरघा/लूम धारक बुनकरों को कार्यशील पूंजी के रूप में 15 हजार रुपये प्रति बुनकर की दर से सहायता देने के लिए 1,00,65,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इस सहायता का उद्देश्य बुनकरों को अपनी उत्पादन गतिविधियां जारी रखने के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। विभाग के मुताबिक यह सहायता बुनकरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।
खोले जाएंगे डिग्री कॉलेज
इसके बाद CM सम्राट ने संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जन्मतिथि वर्ष पर ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थी घर में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें, इसके लिए 400 से अधिक और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। 9 अगस्त तक इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूर्ण कर ली जाएगी। शिक्षकों के 9000 पदों का सृजन किया गया है। CM ने कहा कि अनुसूचित जातियों की बेटियों को शिक्षा के लिए गांव से बाहर जाने में कठिनाई होती थी। इसे ध्यान में रखते हुए बिहार के सभी जिलों में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर आवासीय छात्रावास के साथ विद्यालय खोले खोले जाएंगे।