सरकारी स्कूल की दाल में मिलीं जिंदा इल्लियां, बच्चों ने नहीं खाया खाना.. स्व-सहायता समूह पर कार्रवाई की तैयारी
सागर जिले के मालथौन विकासखंड से सरकारी स्कूल की मध्याह्न भोजन व्यवस्था में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक शाला गीधा में बच्चों को परोसी जाने वाली दाल में जिंदा इल्लियां मिलने से हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि भोजन परोसने के दौरान ही बच्चों और शिक्षकों की नजर दाल में मौजूद कीड़ों पर पड़ गई, जिससे बच्चों ने खाना नहीं खाया और एक बड़ा हादसा टल गया।
बच्चों में अफरा-तफरी मच गई
मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत स्कूल में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी लक्ष्मी स्व-सहायता समूह को दी गई है। रोज की तरह जब बच्चों को भोजन परोसा जा रहा था, तभी दाल में इल्लियां तैरती हुई दिखाई दीं। यह देखकर स्कूल स्टाफ और बच्चों में अफरा-तफरी मच गई।
सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक भी नाराज हो गए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लक्ष्मी स्व-सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।
कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया
स्कूल के प्रभारी शिक्षक सूरज गौंड ने बताया कि घटना के समय वह शासकीय कार्य से मालथौन गए हुए थे। वापस आने पर उन्हें दाल में इल्लियां मिलने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। मामले को लेकर शाला प्रबंधन समिति की बैठक बुलाकर कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया गया है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन के तय मेन्यू का भी पालन नहीं किया जा रहा है। नियम के अनुसार बच्चों को चावल, रोटी, दाल और सब्जी दी जानी थी, लेकिन स्कूल में केवल दाल और रोटी परोसी गई।
लिखित शिकायत नहीं मिली
मामले में BRC नरेश राय ने कहा कि उन्हें अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार समूह और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।