राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार; दतिया उपचुनाव का रास्ता साफ
मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता और दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया।
विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी
राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने ग्रामीण विकास बैंक एफडी हेराफेरी (धोखाधड़ी) मामले में ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया था।
सजा पर रोक लगाने की मांग की
सजा के बाद राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि यदि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी तो वे चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और राहत देने से इनकार कर दिया।
3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए
हाईकोर्ट के फैसले के बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। निर्वाचन आयोग पहले ही उपचुनाव की घोषणा कर चुका है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे, 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 16 जुलाई नाम वापसी की अंतिम तिथि है। दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद दतिया उपचुनाव का राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अब सभी की नजरें कांग्रेस के उम्मीदवार और चुनावी रणनीति पर टिकी हैं।