भजनलाल सरकार ने शुरू किया जीरो डंपसाइट मिशन, 310 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू
राजस्थान को कचरे के पुराने ढेरों से पूरी तरह मुक्त कराने और शहरों को स्वच्छ-सुंदर बनाने के लिए भजनलाल सरकार ने एक बड़ी पहल की है। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के 'जीरो डंपसाइट' मिशन के तहत राज्य के 152 नगरीय निकायों में सालों से जमा करीब 75 लाख क्यूबिक मीटर 'लीगेसी वेस्ट' को वैज्ञानिक तरीके से साफ करने के लिए 310 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई।
आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य बायोमाइनिंग तकनीक के जरिए दशकों पुराने कचरे के पहाड़ों को खत्म करना है। इसके साथ ही, कचरा मुक्त होने वाली बेशकीमती शहरी जमीन पर आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होंगे, ताकि भविष्य में दोबारा वहां कचरे के ढेर न लग पाए।
पुराने डंपिंग यार्ड खत्म होंगे
इस मुहिम को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह पहल राज्य के शहरों को ज्यादा स्वच्छ और संधारणीय बनाने में मददगार साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा- हमारी सरकार शहरों को साफ-सुथरा, पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुराने कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और नए वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना से न केवल दशकों पुराने डंपिंग यार्ड खत्म होंगे, बल्कि दीर्घकालिक कचरा प्रबंधन भी मजबूत होगा।
'लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस' जारी
शहरी विकास और आवास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 30 नगरीय निकायों में 24 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा लीगेसी वेस्ट को साफ करने के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। वहीं, 40 अन्य निकायों के लिए 'लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस' जारी कर दिए गए हैं, जिसके तहत 35 लाख क्यूबिक मीटर से अधिक कचरा साफ किया जाएगा। शेष बचे 82 निकायों के लिए तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है, जहां करीब 16 लाख क्यूबिक मीटर कचरे का निस्तारण होना बाकी है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 'डंपसाइट रेमेडीएशन एक्सीलेटर प्रोग्राम' के तहत करीब 24 लाख क्यूबिक मीटर पुराना कचरा पहले ही साफ कर दिया गया है।