अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, जेल में हड़कंप
अजमेर। राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को एक बड़ी और सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिए (टॉवल) से गला घोंटकर जगन गुर्जर को मौत के घाट उतार दिया। दोनों हार्डकोर अपराधी एक ही बैरक में बंद थे।
जिसने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह वारदात सोमवार दोपहर करीब 11 बजे से 3 बजे के बीच उस समय हुई जब जेल में सेल बंद होने का समय था और स्टाफ राउंड पर था। जब सुरक्षा कर्मियों ने बैरक खोली तो जगन गुर्जर का शव फर्श पर पड़ा मिला, जबकि उसका साथी विष्णु वहीं मौजूद था। इसके बाद तुरंत जेल प्रशासन ने पुलिस और एफएसएल टीम को सूचना दी, जिसने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
करीब 27 साल पुराना बताया जाता
जगन गुर्जर का नाम चंबल क्षेत्र के सबसे खतरनाक डकैतों में शामिल रहा है। उसका अपराध इतिहास करीब 27 साल पुराना बताया जाता है। 1994 में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे ऐसा खौफ फैलाया कि कई गांवों में दहशत के कारण शादियां तक रुक गई थीं। उसके अपने गांव में वर्षों तक सामाजिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
महिलाओं के साथ मारपीट
जगन पर महिलाओं के साथ मारपीट, पुलिसकर्मी की हत्या और अपहरण जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज थे। वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान वह उस समय चर्चा में आया जब उसने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी दी थी, जिसके बाद उस पर लाखों का इनाम घोषित किया गया था।
आपराधिक गतिविधियों में शामिल होता रहा
हालांकि उसने कई बार आत्मसमर्पण और जेल से रिहाई के बाद अपराध की दुनिया छोड़ने का दावा किया, लेकिन बार-बार जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल होता रहा। फिलहाल जेल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और हत्या के पीछे की असल वजहों की पड़ताल की जा रही है।