रेलवे स्टेशन पर करोड़ों की चोरी का खुलासा: औरंगाबाद पुलिस ने 'टार्जन रमेश गैंग' के 15 शातिरों को किया गिरफ्तार
धीरेन्द्र पाण्डेय/न्यूज11 भारत
औरंगाबाद/डेस्क: औरंगाबाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर पार्ट्स की चोरी में शामिल अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ करते हुए मंगलवार को 15 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. एसपी अंबरीश राहुल के निर्देश पर बनाई गई एसआईटी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. पकड़े गए आरोपियों में गैंग का सरगना रमेश चौधरी भी शामिल है, जिसने पूछताछ के दौरान वारदातों से जुड़ी पूरी कहानी पुलिस को बता दी.
पुलिस के अनुसार ‘टार्जन रमेश गैंग’ की शुरुआत कुछ महीने पहले हुई थी. सरगना रमेश चौधरी ने बताया कि पहले वह छोटी-मोटी चोरी करता था. इसी दौरान उसकी पहचान लक्ष्मण चौधरी से हुई, जो रेलवे प्लेटफॉर्म पर लगे ट्रांसफॉर्मर से तार काटकर बेचने का काम करता था. धीरे-धीरे दोनों ने योजना बनाई और 14 और लोगों को साथ जोड़कर गैंग बना लिया. यह गैंग रेकी करने के बाद स्कॉर्पियो और बोलेरो से चोरी करने निकलता था. वारदात के दौरान गैंग के सदस्य अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके. चोरी का माल पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में ज्योति नगर स्थित कबाड़ दुकानों में बेचा जाता था.
गैंग पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के कॉपर वायर, ट्रांसफॉर्मर ऑयल और अन्य कीमती पुर्जों की चोरी का आरोप है. 23 अगस्त को ब्लू स्टार कंपनी के एचआर अभिजीत जीवन इंगले ने बारूण थाना में आवेदन दिया था, जिसमें सोननगर टीएसएस से भारी मात्रा में सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी. मामले में बारूण थाना कांड संख्या 409/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. जांच के दौरान पुलिस को कई तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज मिले. 8 दिसंबर को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब सोननगर स्टेशन के पीछे एक पिकअप पर लदे कॉपर तार के साथ रमेश चौधरी को दबोच लिया गया. उसकी निशानदेही पर सोननगर भंवर के पास खड़ी स्कॉर्पियो और केशवपुर के पास बोलेरो से 14 अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने इनके पास से करीब 12 क्विंटल कॉपर वायर, एक पिकअप, एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो, 8 मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं.
गैंग के सभी आरोपी पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं. इनमें दुर्गापुर, वर्धमान, नदिया, आसनसोल और साहेबगंज क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं. पूछताछ में गैंग के सदस्यों ने स्वीकार किया है कि वे बिहार के अलावा झारखंड, समस्तीपुर, सकरी और पंडौल में भी कई चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से रेलवे और औद्योगिक क्षेत्रों में हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगेगी, साथ ही नेटवर्क-आधारित संगठित अपराधों पर भी कड़ी निगरानी का संदेश गया है. पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों और खरीददारों की पहचान में जुट गई है.
यह भी पढ़ें: किशनगंज में अतिक्रमण हटाने पहुंचे ‘बुलडोजर’ पर बवाल, CO को बचकर भागना पड़ा