पंजाब कांग्रेस में बगावत, चरणजीत चन्नी ने मीटिंग का किया बायकॉट
पंजाब कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। पूर्व CM और जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी ने पंजाब कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल की मीटिंग का बायकॉट कर दिया। चन्नी अपने समर्थक सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों से मीटिंग के बाद दिल्ली रवाना हो गए हैं। जहां वे हाईकमान से मुलाकात करेंगे। चरणजीत चन्नी समर्थकों ने बघेल को रिसीव तक नहीं किया। भूपेश बघेल अब साइलेंट बैठे नेता विपक्ष प्रताप बाजवा के घर गए हैं।
6 विधायकों का समर्थन
चरणजीत चन्नी को नया प्रधान बनने के लिए अब तक एक सांसद सुखजिंदर रंधावा और 6 विधायकों का समर्थन मिल गया है। इसके अलावा नए वर्किंग प्रधान संगत सिंह गिलजियां भी उनके गुट में शामिल हो चुके हैं। मौजूदा प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग के पक्ष में सिर्फ एक सांसद डॉ. अमर सिंह आए। कोई भी विधायक उनके समर्थन में नहीं बोला।
समर्थक नेताओं से बैठक
चन्नी ने प्रभारी के आने से पहले ही मोहाली में अपने समर्थक नेताओं से बैठक की। जिसमें प्रभारी के बायकॉट का निर्णय लिया गया। चन्नी ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह मोरिंडा में हुई पहली बैठक की ही कड़ी है। कांग्रेस हाईकमान ने बगावत थामने के लिए बघेल को 5 दिन के लिए पंजाब भेजा। वह चंडीगढ़ में दोनों गुटों से मीटिंग करने के लिए आए हैं। वहीं पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व CM चन्नी को बिना नाम लिए नसीहत दी है। डॉ. गांधी ने कहा- लोकतंत्र, संवधान, पंजाब और देश के हित में पंजाब के कांग्रेसी वर्कर्स लीडरों से त्याग व कुर्बानी की आस करते हैं।
हाईकमान को ओपन लेटर
चरणजीत चन्नी राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाने की जिद पर अड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने मोरिंडा में अपने घर पर करीब 50 कांग्रेस नेताओं से बैठक की। हालांकि पूर्व CM चन्नी को काउंटर करने के लिए प्रधान वड़िंग भी घर-घर जाकर नेताओं से मिल रहे हैं। रविवार को नवजोत सिद्धू गुट से पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने भी हाईकमान को ओपन लेटर लिखकर मजबूत नेता को प्रधान बनाने की सलाह दी।