बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में गुरदासपुर में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरदासपुर में कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सदस्य सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार का पुतला भी फूंका और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
लाठीचार्ज के खिलाफ जताया आक्रोश
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बरनाला में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया। कर्मचारियों का कहना है कि लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए, जिनमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
महिला कर्मचारियों के साथ मारपीट का आरोप
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के दौरान एक गर्भवती महिला कर्मचारी के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषियों पर कार्रवाई आवश्यक है।
बातचीत से समाधान निकालने की मांग
यूनियन नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में हर कर्मचारी को अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। उनका कहना है कि सरकार को बल प्रयोग के बजाय कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने संवाद का रास्ता अपनाने के बजाय सख्ती दिखाई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार से बरनाला लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने, घायल कर्मचारियों को उचित मुआवजा देने और उनकी लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।