PM मोदी ने एमपी के 13 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का किया शुभारंभ, सीएम डॉ. यादव बोले- विकास की नई ऊंचाइयां छूएगा राज्य
भोपाल/टीकमगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जुलाई को पंजाब के जालंधर छावनी रेलवे स्टेशन से देश के 20 राज्यों में विकसित किए गए 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इनमें मध्यप्रदेश के पुर्नविकसित टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो के प्रवेश द्वार तरिचर, हरपालपुर, सांची, अशोकनगर, बालाघाट, ब्यौहारी, छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, नैनपुर जंक्शन, विदिशा, शिवपुरी और भिंड कुल 13 अमृत भारत रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन से अमृत भारत स्टेशनों के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को 13 अमृत भारत स्टेशन के रूप में ऐतिहासिक सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त कर कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ शुभारंभ भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और विकसित भारत के संकल्प की ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुर्नविकसित टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र के विकास, पर्यटन और जनसुविधाओं का नया केंद्र बनेगा। नए अमृत भारत स्टेशन मध्यप्रदेश को नई पहचान, नया सम्मान और विकास की नई दिशा देंगे। हमारे लिए ये स्टेशन समृद्ध और गौरवशाली विरासत का प्रतिबंब हैं।
विकास की नई दुनिया में पहुंच रहा बुंदेलखंड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा देश और प्रदेश बदल रहा है। बुंदेलखंड भी अब तेजी से विकास और बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बुंदेलखंड की धरती आध्यात्मिकता और बहुमूल्य खनिज संपदा से संपन्न है। यहां रामराजा सरकार और बुंदेली संस्कृति के कई प्रतिमान जुड़े हैं। पहले बुंदेलखंड जल की कमी के लिए जाना जाता था। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सबसे पहले देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना-केन बेतवा लिंक का सपना देखा था। प्रधानमंत्री मोदी ने 1 लाख करोड़ रुपए की सौगात देकर नदी जोड़ो परियोजना पर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो और स्लीमनाबाद वॉटर टनल प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड में खेती और पेयजल के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। बुंदेलखंड में रेलवे और हवाई संपर्क को मजबूती प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की समृद्ध संस्कृति में आल्हा-उदल का विशेष महत्व है। आज बुंदेलखंड प्रदेश की विकास यात्रा का अहम पड़ाव है और बुंदेलखंड विकास की नई दुनिया में पहुंच रहा है।
अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही रेलवे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। भारतीय रेलवे का नेटवर्क इतना बड़ा है कि कई देशों की आबादी के बराबर यात्री प्रतिदिन हमारी ट्रेनों में सफर करते हैं। कोयले और भाप के इंजन से शुरू हुई रेल यात्रा अब स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन तकनीक तक पहुंच चुकी है, जिससे भारत अब विश्व के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो भविष्य की इस अत्याधुनिक तकनीक पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चयनित 80 स्टेशनों में से पहले चरण में 13 स्टेशनों का कायाकल्प कर जनता को समर्पित किया गया है। ये अमृत भारत स्टेशन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारतीय रेल के इतिहास का युगांतकारी दिन है। यह केवल रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण ही नहीं, भारत की विरासत, आधुनिकता और आत्मनिर्भरता का त्रिवेणी संगम है। अमृतकाल में हमारे वैज्ञानिकों, रेलवे इंजीनियरों और कर्मयोगियों ने अकल्पनीय कार्य किया है। भारतीय रेलवे के 173 वर्षों के इतिहास में पहले कोयला, डीजल और बिजली से ट्रेन चलती थी। आज प्रधानमंत्री मोदी ने सोनीपत स्टेशन से देश में पहली बार हाइड्रोजन ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया है।
जल्द लागू होगी समान नागरिक संहिता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में हमारी सरकार एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के संकल्प को पूरा करेगी। सभी धर्मों के लोगों के लिए एक समान कानून लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए उच्चस्तरीय समिति ने प्रदेशभर के करीब 10 लाख लोगों से सुझाव लिए। लगभग 76 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने यूसीसी के पक्ष में अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन के सुगम आवागमन के लिए 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा' की शुरुआत कर रही है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों को जोड़ने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और विकासखंडों में भव्य सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। जहां बच्चों को सर्व सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।