रावी दरिया बना पिकनिक स्पॉट, कभी भी बढ़ सकता है जलस्तर; सिंचाई विभाग ने मांगी फोर्स
पठानकोट।पंजाब के पठानकोट में रावी दरिया इन दिनों लोगों के लिए पिकनिक और मौज-मस्ती का केंद्र बन गया है, लेकिन यह शौक कभी भी बड़े हादसे में बदल सकता है। बरसात का मौसम शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग बच्चों के साथ दरिया के बीचों-बीच पत्थरों पर पहुंचकर नहाने, टेंट लगाकर समय बिताने और पार्टी करने में जुटे हैं। कई युवा बीयर और खाने-पीने का सामान लेकर रोजाना यहां पहुंच रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक प्रभावी रोक नहीं लगाई गई है।
दरिया में मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं
स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि रंजीत सागर डैम से कभी भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। वर्तमान में डैम से प्रतिदिन करीब 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह मात्रा अचानक कई गुना बढ़ सकती है। ऐसे में रावी दरिया का जलस्तर कुछ ही समय में तेजी से बढ़ सकता है और बीच दरिया में मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा।
रावी दरिया में भीषण बाढ़ आई थी
अगस्त 2025 में भी रंजीत सागर डैम से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद रावी दरिया में भीषण बाढ़ आई थी। उस दौरान माधोपुर, सुजानपुर, बॉर्डर क्षेत्र, कोलियां अड्डा और कथलौर सहित कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसी अनुभव के बावजूद लोग खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं।
जिससे जोखिम और बढ़ जाता है
सबसे बड़ी चिंता यह है कि जहां लोग नहाने और घूमने पहुंच रहे हैं, वहां चारों ओर बड़े-बड़े पत्थर हैं। ऐसे में अचानक जलस्तर बढ़ने पर तेजी से बाहर निकलना लगभग असंभव हो सकता है। सड़क से करीब आधा किलोमीटर नीचे उतरकर लोग बच्चों के साथ दरिया तक पहुंच रहे हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
सुरक्षा को देखते हुए रावी दरिया के बीच जाने से बचें
सिंचाई विभाग के एसडीओ राजीव कुमार ने बताया कि विभाग ने इस गंभीर स्थिति की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी थी, लेकिन पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने पर अब पीएपी जालंधर से अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। विभाग का कहना है कि फोर्स पहुंचने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। तब तक लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को देखते हुए रावी दरिया के बीच जाने से बचें।