चीन-तुर्किये की मदद से सैटेलाइट सर्विलांस बढ़ा रहा पाक
Pakistan : इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब दोनों ही देश अपनी- अपनी कमजोरियां दूर करने में जुट गए हैं। अगर पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जाए तो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पास भारतीय सेना के मूवमेंट पर नजर रखने की क्षमता नहीं थी। इसके बाद उसे चीन ने सैटेलाइट सर्विलांस मुहैया करया था। इस बात की पुष्टि भारतीय सैन्य अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर की है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सैटेलाइट होने के बावजूद पाकिस्तानी सेना को भारतीय हथियारों को लेकर जो जानकारी मिल रही थी, वह देर से मिल रही थी, जिससे वो भारत के खिलाफ सटीक हमले करने में नाकाम रहा था।
पाकिस्तान, अंतरिक्ष-आधारित खुफिया सिस्टम और..
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की पुरानी कमजोरी का पर्दाफाश कर दिया कि पाकिस्तान, अंतरिक्ष-आधारित खुफिया सिस्टम और आधुनिक युद्ध की गति के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है। लिहाजा उसने अपनी इस बड़ी कमी को सुधारने के लिए सैटेलाइट सर्विलांस क्षमता को सुधारने के लिए कई तरह की कोशिशें करनी शुरू कर दी है। मई महीने के युद्ध के बाद पाकिस्तान सर्विलांस सैटेलाइट पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने यूरोप से फिर से मदद मांगनी शुरू कर दी है, जबकि तुर्की और चीन उसकी मदद कर रहे हैं।
पाकिस्तान ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पहले इस साल जनवरी तीन दिनों के भीतर दो महत्वपूर्ण सैटेलाइट लॉन्च किए थे। पहला- PAUSAT-1, जिसे स्पेसएक्स के Falcon 9 के ट्रांसपोर्टर-12 मिशन के तहत लॉन्च किया। यह 10U नैनो-सैटेलाइट एयर यूनिवर्सिटी इस्लामाबाद और इस्तांबुल टेक्निकल यूनिवर्सिटी की संयुक्त परियोजना थी। उसमें मल्टीस्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर लगे थे, जो 1.5 मीटर तक की ग्राउंड रेजॉल्यूशन तस्वीरें उपलब्ध कराते हैं। इसकी सबसे अहम बात यह थी कि तुर्की विश्वविद्यालय EU हॉरिजन नेटवर्क से जुड़ा है, जिससे पाकिस्तान को यूरोपीय इंजीनियरिंग इकोसिस्टम तक अप्रत्यक्ष तौर पर पहुंच मिली है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/world/opposition-to-the-27th-amendment-grows-in-pakistan/97815