आधी रात रेत माफिया पर शिकंजा, नेता का भतीजा बताकर दिखाया रौब!
नर्मदापुरम में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने आधी रात को बड़ी कार्रवाई की। राजस्व, खनिज और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिंदबाबा मंदिर के पास रेत से भरे एक डंपर को पकड़ा। जांच में डंपर के पास रेत परिवहन की वैध रॉयल्टी नहीं मिली। बताया गया कि रेत माखननगर के मनवाड़ा क्षेत्र से लाई जा रही थी।
अफसरों पर दिखाया रसूख
कार्रवाई के दौरान डंपर मालिक नमन परिहार मौके पर पहुंचा। उसने कथित तौर पर खुद को एक बड़े नेता का भतीजा बताते हुए अधिकारियों पर प्रभाव जमाने की कोशिश की। उसने रेत को स्टॉक से लाया जाना बताया। हालांकि एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने वैध दस्तावेज दिखाने को कहा और नियमों के तहत कार्रवाई की। इसके बाद डंपर को जब्त कर देहात थाने भेज दिया गया।
ड्राइवर पर दर्ज हुआ मामला
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद डंपर को जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया। मामले में ड्राइवर हरिओम गोस्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि कार्रवाई के बाद भी एफआईआर दर्ज होने में कई घंटे लगने की बात सामने आई है।
छापे से पहले खाली मिली खदानें
संयुक्त टीम ने डोंगरीवाड़ा, जासलपुर और निमसाड़िया की खदानों पर भी कार्रवाई के लिए दबिश दी। लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही खदानों से जेसीबी, लोडर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गायब हो चुकी थीं। इससे प्रशासन को आशंका है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही रेत कारोबार से जुड़े लोगों तक पहुंच गई थी।
मानसून में उत्खनन पर रोक
माइनिंग अधिकारी देवेश मरकाम ने बताया कि जांच के दौरान डंपर में रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध रॉयल्टी नहीं मिली। इसी आधार पर वाहन जब्त किया गया और संबंधित थाने में खड़ा कराया गया। उन्होंने बताया कि मानसून सत्र के दौरान नियमों के अनुसार रेत उत्खनन पर प्रतिबंध है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
माइनिंग अधिकारी के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जब्त वाहन के संबंध में कानूनी प्रक्रिया और एफआईआर की कार्रवाई पूरी की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।