मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने नर्मदा नदी के संरक्षण

मां नर्मदा को और संवारेंगे सीएम डॉ. मोहन, जानें प्रदेश के मुखिया का क्या है प्लान?

मां नर्मदा को और संवारेंगे सीएम डॉ. मोहन, जानें प्रदेश के मुखिया का क्या है प्लान?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा नदी के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास को लेकर एक बड़ी और दूरगामी योजना की रूपरेखा तैयार कर दी है। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित नर्मदा समग्र की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक जीवनरेखा है, जिससे 33 प्रतिशत से अधिक आबादी सीधे जुड़ी हुई है।

बैठक का एक दृश्य

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नर्मदा को पूरी तरह निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए ठोस और सतत प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और पथिकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही मार्ग पर सूचना पट्टिकाएं और संकेतक लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नर्मदा जयंती पर होंगे भव्य आयोजन, युवाओं की भागीदारी पर जोर

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा जयंती को प्रदेशभर में भव्य रूप से मनाया जाए। नदियों के संरक्षण अभियान में समाज, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर माह नर्मदा समग्र की बैठक आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नर्मदा तटों पर स्थित धार्मिक स्थलों को प्रदूषण मुक्त बनाया जाए और परिक्रमा मार्ग पर आवश्यक विश्राम एवं सेवा केंद्र विकसित किए जाएं। जहां मंदिर स्थित हैं, वहां पथिकों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही ऐसे स्थलों पर दीनदयाल रसोई प्रारंभ करने की योजना पर भी बल दिया गया।

‘नमन मिशन’ से नर्मदा घाटी का समग्र विकास

नर्मदा नदी

बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास दीपाली रस्तोगी ने जानकारी दी कि नर्मदा के संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’ तैयार किया गया है, जो घाटी क्षेत्र के समग्र विकास का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री इस मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष होंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष रहेंगे।

इस मिशन में 2026-27 का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है और इसके लिए 100 करोड़ रुपये वार्षिक राज्य अनुदान का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें जल संसाधन, वन, पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, नगरीय विकास समेत कई विभागों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

अमरकंटक से लेकर 18 जिलों तक विकास की योजना

वन विभाग ने बताया कि अमरकंटक में जैव विविधता प्रबंधन संस्थान स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 32 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार है। वहीं नर्मदा घाटी क्षेत्र में 415 हेक्टेयर में 2.70 लाख पौधे लगाए जाएंगे।

नगरीय विकास विभाग ने बताया कि नर्मदा क्षेत्र के 21 नगरों में 35 एसटीपी बनाए जा रहे हैं, जो दिसंबर 2027 तक पूर्ण होंगे। ओंकारेश्वर के विकास के लिए स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (SADA) गठित की जाएगी।

इसके अलावा, नर्मदा जयंती पर प्रदेश के 18 जिलों में आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पर्यटन विभाग ने जानकारी दी कि महेश्वर और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को नई दिशा मिल रही है।