मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव मे

सीएम डॉ. यादव ने किया किसानों से संवाद, कहा- अन्नदाता का कल्याण ही हमारा लक्ष्य

सीएम डॉ. यादव ने किया किसानों से संवाद

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 अगस्त को सीहोर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को छिंदवाड़ा से वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश के हर किसान के खेत-खलिहान और उनके घरों में समृद्धि आए। किसानों का हर तरीके से कल्याण ही हमारा लक्ष्य है और इसके लिए हम सभी जरूरी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चलाया जा रहा बलराम कृषि महोत्सव किसानों को खेती-किसानी की नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें हरसंभव सहायता देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस किसान कल्याण वर्ष में किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ हर किसान तक पहुंचा रही है। किसानों के खेतों में पानी, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्र पहुंचाने के साथ उनके खातों में फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि पहुंचाई जा रही है। 

'कवच योजना' को मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में राज्य सरकार ने किसानों को सुरक्षा देते हुए ऐतिहासिक 'कवच योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना से ऐसे किसानों की चिंता दूर होगी, जिनके सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों और जांच में देरी के कारण उन्हें नया ऋण और शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब ऐसे किसानों को मुख्य धारा में लाकर उन्हें नया कृषि ऋण और सभी किसान हितैषी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अब छह-छह महीने के स्थान पर एक साल में खातों को पलटने की व्यवस्था लागू कर दी है। किसानों को अपने ऋण खाते क्लियर करने के लिए 31 मार्च तक की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है। अब किसान, जब पैसा हो, तब अपने ऋण खाते में राशि जमा कर सकते हैं।

हर क्षेत्र को प्रोत्साहित कर रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के साथ आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और कृषि यंत्रों का विस्तार कर रही है। उन्होंने आय बढ़ाने के लिए किसानों को फसल विविधिकरण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मत्स्य पालन वर्तमान समय की मांग है, राज्य सरकार इन क्षेत्रों में हर संभव प्रोत्साहन दे रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए हमने दुग्ध समितियों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि खेत में बोहनी से लेकर बाजार में दाम दिलवाने तक सरकार किसानों के साथ खड़ी है। गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता हमने एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर दूर कर दी है। सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता भावांतर भुगतान योजना से दूर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार श्रीअन्न (कोदो-कुटकी) की एमएसपी पर खरीदी हुई और किसानों को इसका बोनस भी मिला है। किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है।