प्रदेश में मानसून ने दोबारा दस्तक दी है, जिससे ताप

"बारिश ने दी किसानों को राहत, लेकिन मंडला में उफनते नाले ने दो युवकों की जान पर बना दी आफत!"

प्रदेश में करीब दो से तीन सप्ताह के लंबे अंतराल के बाद मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। मंगलवार तड़के भोपाल, सीहोर, रायसेन, इटारसी, अकोदिया, श्योपुर और आसपास के कई जिलों में रात 1 से 3 बजे के बीच बारिश शुरू हुई, जो सुबह तक लगातार जारी रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली।

फसल उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद

बारिश का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिला है। लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित हो रही थी। धान के खेतों में पानी की कमी से कई जगह दरारें पड़ने लगी थीं और किसान फसलों को लेकर चिंतित थे। ताजा बारिश के बाद खेतों में फिर से पानी भर गया, जिससे धान सहित अन्य खरीफ फसलों को नई ऊर्जा मिली है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो फसल उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

बारिश का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। रायसेन जिले में सांची रोड सहित कई इलाकों में जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर नाले और झरने फिर से उफान पर आ गए, जिससे प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

बड़ा हादसा होते-होते टल गया

इसी बीच मंडला जिले के नैनपुर में तेज बारिश के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। उफनाए नाले की पुलिया पार करते समय बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत रस्सी की मदद से एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दूसरा युवक बाइक सहित बह गया, लेकिन बाद में घटना स्थल से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर सुरक्षित मिल गया। इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान उफनाए नालों और पुल-पुलियों को पार करने के खतरे को उजागर कर दिया।

जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए

मौसम विभाग ने 21 और 22 जुलाई के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मानसून की सक्रियता से जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं प्रशासन भी संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।