मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा

एमपी में पहली बार बारिश 3% कम, पांच दिन से थमा तेज बारिश का दौर

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान पहली बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 250.1 मिमी है। यानी प्रदेश में फिलहाल 3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई, जिससे बारिश का ग्राफ गिर गया है।

हल्की बूंदाबांदी हो रही

पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग में सामान्य से 17 प्रतिशत कम, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में करीब 10 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अधिकांश जिलों में बादल छाने के बावजूद केवल हल्की बूंदाबांदी हो रही है।

कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार

मौसम विभाग ने मंगलवार को सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर समेत कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार हैं।

अच्छी बारिश का दौर शुरू

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं या मध्य प्रदेश से दूर चली गई हैं। हालांकि उत्तर बंगाल की खाड़ी में नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। यदि यह निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलता है, तो प्रदेश में फिर से अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

सामान्य से 74 प्रतिशत कम बारिश

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक यानी करीब 18 इंच बारिश हो चुकी है। वहीं भोपाल में 13.1 इंच और इंदौर-सीहोर में लगभग 14 इंच बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे सूखा जिला बना हुआ है, जहां अब तक केवल करीब 2.25 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है।

40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज

मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई मानसून का सबसे अहम महीना होता है और इसी दौरान प्रदेश की कुल मौसमी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बनने वाले नए मौसम सिस्टम पर सभी की नजर रहेगी।