UCC की तैयारी के बीच ‘मन की बात’ बना बड़ा राजनीतिक मंच,छत्तीसगढ़ में विकास के साथ वैचारिक एजेंडे का संकेत तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ ने एक बार फिर जनसंवाद और प्रेरणा का संदेश दिया, लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह कार्यक्रम एक बड़े सियासी संकेत का मंच भी बन गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों, भाजपा नेताओं और नागरिकों के साथ इस कार्यक्रम की 135वीं कड़ी सुनी और इसके तुरंत बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर अहम बयान देकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया।
स्थान मिलना राज्य के लिए गर्व की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अंधविश्वास के खिलाफ वैज्ञानिक सोच और समाज में सकारात्मक बदलाव जैसे विषयों को उठाने की सराहना की। साय ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के कई नवाचारों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलना राज्य के लिए गर्व की बात है।
जनहित से जुड़े संदेशों पर केंद्रित रहा
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान माहौल पूरी तरह विकास, नवाचार और जनहित से जुड़े संदेशों पर केंद्रित रहा।
लेकिन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न समाजों और वर्गों से संवाद कर सुझाव जुटाएगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
विकास के साथ-साथ वैचारिक एजेंडे को भी समानांतर गति देना
इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि एक ओर सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर UCC जैसे वैचारिक और संवेदनशील मुद्दे पर सक्रियता दिखाई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सरकार की दोहरी रणनीति को दर्शाता है.विकास के साथ-साथ वैचारिक एजेंडे को भी समानांतर गति देना।