अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ीं, स्मार्टफोन होंगे महंगे
नवंबर में मेमोरी चिप्स में जोरदार उछाल
एक आकलन के अनुसार नवंबर महीने में स्मार्टफोन मेमोरी (चिप) की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। स्टोरेज मॉड्यूल 20-65% और DRAM 18-25% तक महंगे हुए हैं।
स्टोरेज मॉड्यूल्स 65% तक महंगे
नवंबर में स्टोरेज मॉड्यूल की कीमतें 20-60% तक बढ़ीं। 512GB मॉड्यूल में सबसे ज्यादा 65% से ऊपर की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि पुरानी तकनीक को तेजी से बंद किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एंटरप्राइज और AI सर्वर ऑर्डर्स ने पूरी सप्लाई पर कब्जा कर लिया है, जिससे 1TB मॉड्यूल की भारी कमी हो गई है।
256GB मॉड्यूल पर भी सप्लाई शॉर्टेज का असर
256GB मॉड्यूल भी सप्लाई कम होने की वजह से महंगे हुए हैं। DRAM की कीमतें भी नवंबर में 18-25% तक बढ़ी हैं।
पुरानी चिप्स की कमी से DRAM महंगा
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पुरानी और सस्ती चिप्स की कमी के कारण हुई, जिनका उपयोग बजट स्मार्टफोन और लो-प्राइस इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स में होता है।
मोबाइल कंपनियों ने बढ़ाए दाम
कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे स्मार्टफोन पर पड़ रहा है। Vivo, Oppo जैसे ब्रांड्स ने अपने पुराने मॉडल भी महंगे कर दिए हैं। यह महंगाई 2026 की पहली छमाही तक बने रहने की आशंका है।
दिसंबर में और बढ़ेंगे दाम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेमोरी चिप्स की महंगाई दिसंबर में भी जारी रहेगी। वेफर (wafer) की सप्लाई जल्द सुधरने की संभावना नहीं है, इसलिए कीमतें लगातार चढ़ेंगी।
AI डिमांड ने बढ़ाई बाजार में टेंशन
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चिप कंपनियां अब ज्यादा मुनाफे वाले एंटरप्राइज और AI सर्वर ऑर्डर्स पर फोकस कर रही हैं। इससे साधारण मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम हो गई है।
2025 की चौथी तिमाही में 30% और बढ़ोतरी की उम्मीद
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मेमोरी की कीमतें 2025 की Q4 में और 30% बढ़ सकती हैं। अगले साल की शुरुआत में भी 20% की और बढ़ोतरी संभव है। इस साल अब तक कीमतें पहले ही 50% बढ़ चुकी हैं।
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