मध्य प्रदेश में टेक होम राशन की व्यवस्था में महत्व

टेक होम राशन की जिम्मेदारी बदली, अब महिला एवं बाल विकास विभाग करेगा सप्लाई; UCC मसौदे को अगली कैबिनेट में मंजूरी संभव

मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले टेक होम राशन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों को दिए जाने वाले टेक होम राशन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से हटाकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना

नई व्यवस्था के तहत राशन तैयार करने और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने का काम चयनित स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा। वर्तमान में जो समूह राशन तैयार कर रहे हैं, उन्हें आगे भी काम जारी रखने का अवसर मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य राशन की गुणवत्ता बेहतर करना और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

राशन तैयार करने के लिए स्व-सहायता समूहों के लिए गुणवत्ता के मानक तय किए जाएंगे। इन्हीं नियमों के अनुसार राशन तैयार, पैक और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।

18 जुलाई को एक और कैबिनेट बैठक आयोजित

वहीं, विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 जुलाई को एक और कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके बाद UCC को विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को विधानसभा सत्र की तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सवालों के जवाब तथ्यात्मक और स्पष्ट तरीके से दिए जाएं, ताकि सरकार की योजनाओं और कामकाज की जानकारी जनता तक पहुंच सके।

‘युवा वर्ष 2027’ की तैयारी शुरू

बैठक में पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ‘दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया गया। साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा की शुरुआत भी की गई।

कैबिनेट ने कई योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने का फैसला लिया। इसके अलावा GST अपीलीय बोर्ड के गठन, ITC दस्तावेज प्रक्रिया को आसान बनाने, समर्थन मूल्य खरीदी की सरकारी गारंटी जारी रखने और ‘युवा वर्ष 2027’ की तैयारी शुरू करने जैसे फैसले भी लिए गए।

सरकार ने बारिश के मौसम में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।