मानसून मेहरबान! मध्यप्रदेश में सामान्य से 5% ज्यादा बारिश, किसानों के चेहरे खिले
पश्चिमी MP में 21% अधिक बारिश, देवास-इंदौर सबसे आगे; पूर्वी मध्यप्रदेश में भी तेजी से भर रहा बारिश का घाटा, अगले कुछ दिन भारी बारिश के आसार।
मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। जून में कम बारिश से चिंतित किसानों को अब राहत मिली है। एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 200.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 191.3 मिमी है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का जोर
बारिश का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश देवास में हुई है, जहां 398.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 123 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा इंदौर (87%), हरदा (73%), सीहोर (64%), भोपाल (57%), नीमच (53%), आगर-मालवा (46%), बुरहानपुर (44%), उज्जैन (38%) समेत कई जिलों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश हुई है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में तेजी से भर रहा घाटा
हालांकि पूर्वी मध्यप्रदेश में अब भी 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन लगातार सक्रिय मानसून के कारण यहां वर्षा का अंतर तेजी से कम हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में पूर्वी मध्यप्रदेश भी सामान्य वर्षा के स्तर पर पहुंच जाएगा।
कुछ जिलों में अब भी कम बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी बारिश सामान्य से कम है। अलीराजपुर में सबसे अधिक 78 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा झाबुआ, दतिया, नर्मदापुरम, धार, मुरैना, रायसेन और शिवपुरी में भी सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं पूर्वी क्षेत्र में रीवा, मैहर, टीकमगढ़, सीधी, सिंगरौली, नरसिंहपुर, कटनी और सतना जैसे जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पांढुर्णा में सामान्य से 27 प्रतिशत, निवाड़ी में 26 प्रतिशत, सिवनी में 12 प्रतिशत, छिंदवाड़ा में 8 प्रतिशत, बालाघाट में 7 प्रतिशत और डिंडोरी में 3 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
अभी और बरसेंगे बादल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी और कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, चंबल और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पूर्वी मध्यप्रदेश में भी बारिश की कमी जल्द पूरी हो जाएगी और खरीफ फसलों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।