मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की

इंदौर एयरपोर्ट पर सीएम डॉ मोहन यादव और दिग्विजय सिंह की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल

मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की इंदौर एयरपोर्ट पर मुलाकात हुई। दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच करीब 15 से 20 मिनट तक बातचीत हुई। इतना ही नहीं, दोनों ने करीब 5 मिनट तक अलग से भी चर्चा की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें और चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

वीआईपी लाउंज में हुई लंबी बातचीत

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से इंदौर पहुंचे थे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पुणे जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में हुई। दोनों ने सामान्य अभिवादन के बाद विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि इस बातचीत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन मौजूद नेताओं के बीच यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी रही।

छात्र आंदोलन समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र में चल रहे छात्र आंदोलन सहित कई समसामयिक मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला, सावन सोनकर और अन्य जनप्रतिनिधि भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज और सौहार्दपूर्ण बताया गया।

सांवेर सीट को लेकर दिग्विजय का बयान बना चर्चा का विषय

मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने भाजपा नेता सावन सोनकर से कहा कि वे सांवेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी करें, क्योंकि इस बार तुलसी सिलावट का टिकट कट सकता है। इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद नेताओं के बीच हल्की मुस्कान और राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि इस बयान पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

एक मुलाकात, कई सियासी कयास

दिग्विजय सिंह ने बातचीत के दौरान अपने कार्यकर्ता गोपाल यादव का परिचय मुख्यमंत्री से कराया और हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि "हमारे पास भी एक यादव है।" इस पर गोपाल यादव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "गोपाल आपका है और यादव मुख्यमंत्री जी का।" इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर हुई यह मुलाकात प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गई है। हालांकि बातचीत में क्या-क्या मुद्दे शामिल रहे, इसे लेकर दोनों नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।