मध्य प्रदेश पुलिस ने पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पा

MP पुलिस में प्रमोशन प्रक्रिया तेज, PHQ ने बनाई दो हाई लेवल कमेटियां; DGP ने जारी किए आदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश तेजी लाते हुए तत्काल प्रभाव से दो उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन समितियों का उद्देश्य प्रमोशन से जुड़े मामलों की जांच, परीक्षण और प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।

पात्र कर्मचारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण किया

पहली समिति का गठन सब-इंस्पेक्टर (SI) से इंस्पेक्टर तथा प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) से सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर पदोन्नति से जुड़े मामलों के लिए किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिकारी हरिनारायण चारी मिश्र करेंगे। समिति में डीआईजी किरण लता केरकट्टा और रिचा चौबे को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न रेंज के आईजी, डीआईजी तथा एआईजी (प्रशासन) को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है, ताकि पात्र कर्मचारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण किया जा सके।

एआईजी अमित सक्सेना को सदस्य बनाया

दूसरी समिति का गठन सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर के कार्यवाहक प्रभार (ऑफिसिएटिंग चार्ज) दिए जाने से पहले पात्रता और रिकॉर्ड की जांच के लिए किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता एडीजी के.पी. वेंकटेश्वर राव करेंगे। समिति में डीआईजी सुनील पांडे, डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती और एआईजी अमित सक्सेना को सदस्य बनाया गया है।

निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप बनाया

पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इन समितियों के गठन से लंबे समय से लंबित प्रमोशन मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और पात्र अधिकारियों व कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप बनाया जाएगा।

मामलों का जल्द समाधान हो सकेगा

दोनों समितियों के गठन के बाद डीजीपी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रमोशन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश पुलिस बल में लंबे समय से लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों का जल्द समाधान हो सकेगा।