शिवपुरी के नरवर किले से 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप चोरी, 25-30 हथियारबंद बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से 400 साल पुरानी दुर्लभ तोप चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन और पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि 15-16 जुलाई की रात करीब 25 से 30 हथियारबंद बदमाश लोडिंग वाहनों के साथ किले में पहुंचे और गार्डों को धमकाकर भारी-भरकम ऐतिहासिक तोप अपने साथ ले गए।
लापरवाही का उठाया फायदा
जानकारी के अनुसार, चोरी हुई तोप करीब 12 दिन पहले अपने मूल स्थान से गिर गई थी। इसके बावजूद पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन ने उसकी सुरक्षा या संरक्षण के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह पर शक
पुलिस को आशंका है कि इस चोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय हेरिटेज तस्कर गिरोह का हाथ हो सकता है। ऐतिहासिक और दुर्लभ धरोहरों की विदेशों में बड़ी कीमत मिलती है, इसलिए जांच एजेंसियां इस एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही हैं। नरवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है और आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। साथ ही पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नरवर किला मध्यकालीन इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है और यहां मौजूद प्राचीन तोपें इसकी विशेष पहचान रही हैं। इस चोरी से इतिहास प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गिरी हुई तोप को सुरक्षित स्थान पर रखा जाता या सुरक्षा बढ़ाई जाती, तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं और चोरी हुई ऐतिहासिक तोप की तलाश जारी है।