पन्ना-सतना-रीवा में भारी बारिश का अलर्ट, 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार; प्रदेश में अब तक 20% कम बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। शनिवार को प्रदेश के पन्ना, सतना और रीवा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
प्रदेश में बारिश की स्थिति अभी भी सामान्य से कम बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 16.8 इंच यानी 426.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि इस अवधि तक करीब 21 इंच यानी 533.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 4.2 इंच यानी 20 प्रतिशत बारिश कम हुई है।
पन्ना, सतना और रीवा में सबसे ज्यादा बारिश का अनुमान
शनिवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के तीन जिलों में बारिश का जोर ज्यादा रहने की संभावना है।
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पन्ना: भारी बारिश का अलर्ट, 4 इंच तक बारिश संभव
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सतना: भारी बारिश का अलर्ट, तेज बारिश की संभावना
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रीवा: भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है
इन जिलों के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासतौर पर रीवा, सतना और पन्ना से लगे इलाकों में लोगों को नदी-नालों और निचले क्षेत्रों से सावधान रहने की जरूरत है।
भोपाल-इंदौर समेत इन जिलों में बूंदाबांदी
राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में शनिवार को भारी बारिश के बजाय हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। इसके अलावा उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, देवास, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मौसम का हाल
भोपाल संभाग: भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं।
इंदौर संभाग: इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है।
उज्जैन संभाग: उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच और शाजापुर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
ग्वालियर-चंबल संभाग: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और श्योपुर में बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है। दतिया में हाल में भारी बारिश दर्ज की गई है।
सागर संभाग: सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश का असर रहेगा। इनमें पन्ना में शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट है।
रीवा संभाग: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में बारिश की संभावना है। रीवा और सतना में भारी बारिश का अलर्ट है।
जबलपुर संभाग: जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
नर्मदापुरम संभाग: नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
शहडोल संभाग: शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में बारिश के आसार बने हुए हैं।
छिंदवाड़ा-पांढुर्णा क्षेत्र: छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इस तरह प्रदेश के सभी 55 जिलों में मौसम सक्रिय बना हुआ है, हालांकि बारिश की तीव्रता जिले-दर-जिले अलग रह सकती है।
दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। सुबह करीब चार घंटे में 1.57 इंच यानी 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि 24 घंटे में कुल करीब 3.5 इंच बारिश हुई। भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
स्थिति को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई। भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों के संचालन का फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ा गया।
सीधी में सोन नदी का पुल बंद, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा को देखते हुए पुल को बंद करना पड़ा। इससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।
भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर खिसककर सड़क पर आने की भी सूचना है। ऐसे में इस मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
रायसेन समेत कई जिलों में जलभराव
रायसेन में शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश जारी रही, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।
इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सीधी और रायसेन समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
49 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा अभी भी चिंता बढ़ा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में करीब 23 प्रतिशत बारिश कम दर्ज की गई है।
कम बारिश वाले जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं।
इन जिलों में बारिश की कमी करीब 5 से 48 प्रतिशत तक बताई गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से पीछे है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में करीब 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के केवल कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।
यानी एक तरफ इन जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्से अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
क्या MP में सूखे के हालात बन रहे हैं?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक किसी क्षेत्र में मानसूनी बारिश सामान्य औसत से 25 प्रतिशत या उससे अधिक कम होने पर सूखे की स्थिति पर विचार किया जाता है। इसके साथ फसल की स्थिति, मिट्टी में नमी और भूजल स्तर जैसे दूसरे कारकों को भी देखा जाता है।
फिलहाल मध्य प्रदेश के 49 जिलों में 5 से 48 प्रतिशत तक बारिश कम हुई है। ऐसे में कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने की आशंका जरूर है, लेकिन अभी आधिकारिक तौर पर किसी जिले को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया है।
आमतौर पर मानसून सीजन समाप्त होने के बाद बारिश, फसल और जलस्रोतों की स्थिति का आकलन करके जिला स्तर पर सूखे का फैसला लिया जाता है।
किसानों के लिए बारिश बनी उम्मीद
बारिश की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए अगले कुछ दिनों की बारिश काफी महत्वपूर्ण है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, छतरपुर और आसपास के जिलों में अच्छी बारिश से फसलों को राहत मिल सकती है।
हालांकि जहां भारी बारिश का अलर्ट है, वहां कम समय में अत्यधिक पानी गिरने से जलभराव, नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा भी रहेगा।
मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक 8 से 10 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने की संभावना है और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश पर खास नजर रहेगी।
MP Weather: एक नजर में
भारी बारिश का अलर्ट: पन्ना, सतना, रीवा भारी बारिश का अनुमान: कुछ इलाकों में 4 इंच तक भोपाल-इंदौर: बूंदाबांदी/हल्की बारिश अब तक औसत बारिश: 16.8 इंच सामान्य बारिश: 21 इंच बारिश की कमी: करीब 20% कम बारिश वाले जिले: 49 सामान्य से ज्यादा बारिश: ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन सबसे बड़ी चिंता: पूर्वी MP में बारिश की कमी और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव